Article
राजस्थान स्कूल विवाद: सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश पर रोक
17 Aug 2026
राजस्थान स्कूल विवाद: सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान
राजस्थान स्कूल विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 15 अगस्त से 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत, सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करें। लेकिन इस बीच, राजस्थान सरकार ने इस अभियान का मुकाबला करते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार के माध्यम से एक नया आदेश जारी किया है।
इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों में बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होगा। इसके साथ ही, बच्चों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने पर भी पाबंदी लगाई गई है। इस निर्णय के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि या तो उन्हें स्कूलों में प्रवेश दिया जाए या फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए।
सीजेपी की गिरफ्तारी की मांग
राजस्थान स्कूल विवाद: रांका ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से कहा कि, 'दिलावर जी, या तो राजस्थान के सभी जर्जर स्कूलों को ठीक करें, या फिर हमारी गिरफ्तारी के लिए अग्रिम एफआईआर दर्ज कराएं। आपकी सरकार है, आपकी पुलिस है। लेकिन हम तब तक स्कूलों का निरीक्षण नहीं रोकेंगे जब तक सभी स्कूल ठीक नहीं हो जाते।'
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटसारा ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि वह स्कूलों की स्थिति सुधारने के बजाय अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि, 'अगर स्कूलों में सब कुछ ठीक है, तो डर किसका है?'
कांग्रेस की चेतावनी
डोटसारा ने यह भी कहा कि विद्यालय जनता के हैं, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं हैं, और ऐसे मनमाने आदेशों को नहीं स्वीकार किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो वे भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, और किसी भी निर्णय से पारदर्शिता को नुकसान नहीं होना चाहिए।
शिक्षा विभाग के आदेश की प्रमुख बातें
राजस्थान स्कूल विवाद: शिक्षा विभाग के नए आदेश में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। इनमें से प्रमुख हैं: किसी भी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी बिना प्रधानाचार्य की पूर्व अनुमति के, और केवल सरकारी अधिकारी ही इस नियम से छूट पाएंगे।
इसके अलावा, सभी आगंतुकों को विद्यालय में प्रवेश के पूर्व विजिटर रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराना होगा। किसी भी बाहरी व्यक्ति को कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय आदि में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि वह प्रधानाचार्य या किसी अधिकृत अधिकारी के साथ ना हो।
Read This Also:- शेख हसीना की वापसी पर भारत में सुरक्षा तैयारियां अब तेज हैं।