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शेख हसीना की वापसी पर भारत में सुरक्षा तैयारियां अब तेज हैं।
17 Aug 2026
शेख हसीना की वापसी की योजना
शेख हसीना की वापसी: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने देश लौटने की तैयारी कर रही हैं और उन्होंने दिसंबर में वापसी करने का निर्णय लिया है। उनके वतन वापसी के संदर्भ में पीएम तारिक रहमान के सलाहकार ने स्पष्ट किया है कि हसीना को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। हसीना को पिछले वर्ष मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद से वह भारत में शरण लिए हुए हैं।
पीएम के संचार सलाहकार जाहिद उर रहमान ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि हसीना की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और उनके सभी कानूनी अधिकारों का सम्मान किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश लगातार भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। हाल ही में दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
हसीना के वतन लौटने पर सुरक्षा का आश्वासन
शेख हसीना की वापसी: जाहिद ने कहा, 'हसीना ने दिसंबर में लौटने का इरादा व्यक्त किया है। यदि वह वापस आती हैं, तो उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। साथ ही, उनके सभी कानूनी और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत द्वारा दिए गए किसी भी फैसले को सभी को मानना होगा।
इसके साथ ही, बांग्लादेश के पूर्व सांसद और क्रिकेट टीम के कप्तान शाकिब अल हसन के मामले पर भी जाहिद ने बात की। उन्होंने कहा कि शाकिब भी बांग्लादेश लौट सकते हैं और आरोपों का सामना सुरक्षा के साथ कर सकते हैं। उन्होंने शाकिब के बारे में कहा, 'वह भले ही अच्छे खिलाड़ी हों, लेकिन एक बिगड़े इंसान हैं जो हसीना के साथ खड़े हैं।'
तारिक रहमान की भारत यात्रा पर सवाल
बांग्लादेश ने हाल ही में भारत से अनुरोध किया कि वह प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई दिल्ली में प्रस्तावित यात्रा के लिए अनुकूल माहौल तैयार करे। 'डेली स्टार' के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने कहा, 'हमने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है और उचित माहौल बनाने की आवश्यकता है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि 'उचित माहौल' का तात्पर्य हसीना के प्रत्यर्पण की मांग से है।
शेख हसीना की वापसी: भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव तब बढ़ा जब हसीना ने पांच अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस को ऑनलाइन संबोधित किया। बांग्लादेश ने इस मीडिया कार्यक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे बांग्लादेश के लोगों की भावनाएं आहत हुईं और यह भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने सात अगस्त को इस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की भूमिका से इंकार किया।
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