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कॉकरोच जनता पार्टी ने मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की
14 Aug 2026
मनन कुमार मिश्रा इस्तीफा: धर्मेंद्र प्रधान के बाद नया निशाना
मनन कुमार मिश्रा इस्तीफा:कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीआई को फटकार लगाने के बाद यह मांग प्रमुखता से उठाई गई है। यह घटनाक्रम शुक्रवार को तब सामने आया जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने विवादित आदेश के संबंध में बीसीआई को चेतावनी दी।
पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने इस विषय पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी के तहत मनन कुमार मिश्रा को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सबको एकजुट होकर इस मांग को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
मनन कुमार मिश्रा इस्तीफा: सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि इस मामले में बीसीआई की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह छात्रों और न्यायालय के बीच का मामला है। CJI ने कहा, 'छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। किसको उन्हें रोकने का हक है?'
इसके साथ ही, मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यह मामला उनके और छात्रों के बीच सीधा संवाद का है, और यहाँ कोई दखल देने वाला नहीं होना चाहिए।
BCI का विवादित आदेश
गुरुवार को BCI ने एक आदेश जारी किया था कि नालसर विधि विश्वविद्यालय के वर्ष 2026 में स्नातक होने वाले छात्रों को अगले आदेश तक अधिवक्ता के रूप में नामांकित नहीं किया जाएगा। हालांकि, सोशल मीडिया पर व्यापक विरोध के बाद, BCI ने कुछ ही घंटों में इस आदेश को वापस ले लिया।
मनन कुमार मिश्रा इस्तीफा: मनन कुमार मिश्रा ने पहले कहा था कि परिषद विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत के प्रधान न्यायाधीश की भागीदारी को लेकर चल रहे आरोपों की जांच कर रही है। अंततः, BCI ने 19 अगस्त को मामले पर अंतिम निर्णय लेने की बात कही।
CJP का सीजन-2 का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में अपने अभियान के 'सीजन 2' की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर इसका नया चरण जल्द ही शुरू होगा। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
मनन कुमार मिश्रा इस्तीफा: CJP ने पिछले महीने 25 जुलाई को सरकार के साथ बातचीत के बाद अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन वापस लिया था। यह आंदोलन नीट पेपर लीक की समस्या को लेकर 36 दिनों तक चला था, जिसमें देशभर के छात्रों और युवाओं का समर्थन प्राप्त हुआ था। उस समय धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था, जो CJP की प्रमुख मांग थी।
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