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खरगे की स्पीच के बाद मंच शुद्धिकरण पर हंगामा, भाजपा का जवाब!
13 Aug 2026
मंच शुद्धिकरण: राज्यसभा में हंगामा
मंच शुद्धिकरण: मॉनसून सत्र में लोकसभा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में विवाद जारी है। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड में दी गई स्पीच के बाद मंच को साफ करने के मामले ने हलचल पैदा कर दी है। खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकतंत्र के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाया है, वहीं इस मुद्दे पर संसद के बाहर भी उत्तेजना का माहौल है।
गुरुवार को खरगे ने कहा, 'मैं रामलीला स्टेज पर भाषण देने गया था, जहां लाखों लोग मौजूद थे। मैंने किसी विशेष समाज या धर्म का उल्लेख नहीं किया। मैंने केवल लोगों की समस्याओं के बारे में बताया, लेकिन मेरी स्पीच के बाद भाजपा के लोग मंच का शुद्धिकरण करने के लिए हवन करने लगे।'
भाजपा की प्रतिक्रिया
मंच शुद्धिकरण: इस पर भाजपा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'खरगे जी की बात दुखदायी है, जो केवल कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए चिंता का विषय है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भाजपा ऐसे कार्यों में शामिल नहीं होती। हालांकि, यदि आपने कुछ कहा है, तो हम उसकी जांच करेंगे। आपकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, यह हम सभी के लिए खेदजनक है।'
खरगे की स्पीच के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष के सांसदों ने इस पर जमकर हंगामा किया।
शुद्धिकरण का मामला
मंच शुद्धिकरण: मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था। इसके बाद 10 अगस्त को स्थानीय धार्मिक संगठन श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने रामलीला मैदान में हवन-पूजन का आयोजन किया। समिति के सदस्य गिरीश चंद्र पांडे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सभा के दौरान कुछ इस्लामिक नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं।
उक्त हवन यज्ञ का आयोजन मैदान की धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया था। पांडे ने बताया कि श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा नहीं है और रामलीला मैदान एक धार्मिक स्थल है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप
आयोजकों ने यह स्पष्ट किया कि यज्ञ का उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति वैमनस्य नहीं फैलाना है। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर 'शुद्धिकरण' यज्ञ का आयोजन किया गया है, जो खरगे और पूरे अनुसूचित जाति समाज का अपमान है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने कहा कि शुद्धिकरण यज्ञ का भाजपा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है। भाजपा का कहना है कि किसी निजी संगठन के कार्यक्रम को पार्टी के साथ जोड़ना उचित नहीं है।
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