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महुआ मोइत्रा का सायोनी घोष पर फिर हमला, सीखने की नसीहत भी दी
12 Aug 2026
महुआ मोइत्रा का तीखा बयान
तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बाद से ममता बनर्जी की पूर्व सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर सायोनी घोष पर निशाना साधते हुए उन्हें बेईमान और गद्दार करार दिया। उन्होंने कहा कि सायोनी से यह सीखना चाहिए कि राजनीति में क्या नहीं करना चाहिए।
महुआ मोइत्रा ने किशनगंज के युवा यू-ट्यूबर अर्श नवाज को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि सायोनी का नाम अब बंगाल की राजनीति में मीर जाफर की तरह हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सायोनी घोष समेत 20 सांसदों ने विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की हार के बाद एक गुमनाम राजनीतिक दल, नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया का समर्थन किया।
राजनीति में नैतिकता को लेकर महुआ का दृष्टिकोण
महुआ मोइत्रा ने सायोनी घोष के टीएमसी से बाहर निकलने के संदर्भ में कहा, 'जिंदगी में ऐसा बेईमान और गद्दार नहीं बनना चाहिए। मीर जाफर का नाम भी इसी संदर्भ में लिया जा रहा है। बेईमानी करने वाले लोगों से कोई शिक्षा नहीं लेनी चाहिए।' जब उनसे पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी ने सायोनी को आगे बढ़ाकर गलती की, तो महुआ ने कहा कि यह उनकी समस्या है और टीएमसी हमेशा सच्चे दिल से कार्य करती है।
महुआ मोइत्रा का राजनीतिक भविष्य
यू-ट्यूबर ने जब महुआ से पूछा कि वह टीएमसी क्यों नहीं छोड़तीं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वह नफरत को समाप्त करने के लिए राजनीति में आई हैं और अपने सिद्धांतों के प्रति अडिग रहेंगी। उन्होंने कहा, 'मैं राजनीति छोड़ सकती हूं, लेकिन पलटी नहीं मारूंगी।' महुआ ने टीएमसी की हार को वोट चोरी और बदलाव की इच्छाओं का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा, 'चुनाव जीतने-हारने का जीवन में एक स्थान होता है। हम तीन बार जीते हैं और इस बार हार गए हैं। लोगों में बदलाव की चाहत थी, लेकिन वोट चोरी भी हुआ। 30 लाख मतदाता वोट नहीं डाल सके, जिससे स्थिति पर असर पड़ा।' महुआ ने चुनावी प्रक्रिया में पुलिस के इस्तेमाल को भी गलत ठहराया।
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