Article

पश्चिम बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, EC से मांगी रिपोर्ट!

 12 Aug 2026

पश्चिम बंगाल SIR: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में अधीर रंजन चौधरी की याचिका

पश्चिम बंगाल में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए व्यक्तियों ने अपीलें दायर की हैं, जिनकी सुनवाई स्थानीय ट्रिब्यूनल में चल रही है। इस संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की गति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर विचार करते हुए यह निर्देश दिए।


सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "मामलों के निपटारे की प्रक्रिया इतनी धीमी नहीं हो सकती है। इस गति से सुनवाई हो रही है कि अपीलों पर निर्णय आने से पहले अगले विधानसभा चुनाव की नौबत ना आ जाए।"


अधीर रंजन चौधरी की मांग

पश्चिम बंगाल SIR: अधीर रंजन चौधरी ने अपनी याचिका में प्रस्तावित किया था कि पश्चिम बंगाल के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर SIR ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए। उनका उद्देश्य था कि प्रभावित लोग आसानी से अपनी अपीलें दर्ज करा सकें और मामलों का त्वरित निपटारा किया जा सके।


इस मांग पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि अदालत पहले ट्रिब्यूनल के कामकाज और पेंडिंग मामलों की संख्या की समीक्षा करेगी, उसके बाद ही किसी समय सीमा के निर्धारण पर विचार किया जाएगा।


सरकारी लाभ से वंचित होने का मुद्दा

पश्चिम बंगाल SIR: सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हट गए हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा राशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि पश्चिम बंगाल सरकार सामाजिक लाभों से वंचित कर रही है, तो प्रभावित व्यक्तियों को इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए।


Read This Also:- प्रियंका गांधी की PM मोदी से मुलाकात, समारोह में हंसी-ठिठोली