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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट याचिका, CJI ने सवाल उठाए
12 Aug 2026
जंतर-मंतर प्रदर्शन: नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन
जंतर-मंतर प्रदर्शन: हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का यह आंदोलन कई दिनों तक जारी रहा। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने इस क्षेत्र में एहतियात बरतते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इस विरोध का असर अन्य क्षेत्रों में भी देखा गया, जिससे आम जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
ऐसे प्रदर्शन अक्सर आवश्यक सेवाओं को बाधित करते हैं, जिससे जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के कारण आवश्यक सेवाओं के बाधित होने से संबंधित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। इसके साथ ही, जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए उपयोग करने पर रोक लगाने की मांग से संबंधित एक अन्य याचिका भी अदालत में दाखिल की गई है। इन दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई की जाएगी।
जंतर-मंतर प्रदर्शन: सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित वकील वी. इलांचेझियान ने तर्क दिया कि ऐसे प्रदर्शनों के कारण आवश्यक सेवाओं में रुकावट आती है। उन्होंने कहा, "यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि कौन प्रदर्शनकारी है और कौन नहीं। यह एक बड़ी समस्या बन चुकी है जो पूरे देश में उभर रही है।"
CJI के सवाल
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता से यह सवाल किया कि मांगी गई राहतों को व्यावहारिक रूप से कैसे लागू किया जा सकता है। CJI ने कहा, "हमें बताएं कि हम इस मामले में कैसे निर्देश जारी कर सकते हैं?" इस सवाल के बावजूद, पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई जारी रखने पर सहमति दी।
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