Article

NDA का दो-तिहाई बहुमत, महिला आरक्षण और FCRA बिल पर सस्पेंस!!

 10 Aug 2026

महिला आरक्षण बिल: संसद के सत्र का अंत और विधेयकों की अनिश्चितता

महिला आरक्षण बिल: मॉनसून सत्र का समापन अब चार दिनों में होने वाला है, लेकिन महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। सोमवार को इन विधेयकों में से कोई भी लोकसभा की कार्यसूची में शामिल नहीं है, जिससे सरकार की रणनीति पर सवाल उठते हैं।


इस समय केंद्र सरकार इन विधेयकों को लेकर बहुत सावधानी बरत रही है। रिपोर्टों के अनुसार, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार इस समय संसद में सीटों की संख्या और समर्थन के गणित को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रही है।


विपक्षी दलों के रुख में बदलाव

महिला आरक्षण बिल: कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने भले ही परिसीमन और FCRA संशोधन बिल का विरोध करने की बात की हो, लेकिन हाल के संपर्कों के बाद कुछ विपक्षी दलों में नरमी के संकेत मिले हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि केंद्र सरकार DMK और NCP का समर्थन जुटाने के लिए FCRA विधेयक पर अपने कदम धीमे कर रही है।


सूत्रों के अनुसार, संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में अगले चार दिनों के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसमें FCRA संशोधन विधेयक का जिक्र नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार इसे फिलहाल होल्ड पर रख सकती है।


DMK का विरोध और सरकार की चुनौती

DMK ने पहले ही FCRA के संबंध में अपने विरोध को स्पष्ट कर दिया है। DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी ने न तो अतीत में परिसीमन विधेयक का समर्थन किया है और न ही भविष्य में करेगी। साथ ही, DMK प्रमुख एम के स्टालिन ने भी विधेयक को वापस लेने की मांग का समर्थन किया है।


भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के लिए वर्तमान में स्थिति जटिल है, क्योंकि उन्हें परिसीमन और महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए DMK और NCP का समर्थन आवश्यक है। दोनों दल FCRA बिल के सख्त प्रावधानों के खिलाफ रहे हैं।


सीटों का गणित और बहुमत की आवश्यकता

महिला आरक्षण बिल: यदि लोकसभा के सभी 540 सदस्यों ने वोट डाला, तो परिसीमन विधेयक के पारित होने के लिए 360 वोटों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में NDA के पास 319 सांसद हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद और शिवसेना (यूबीटी) से 6 सांसद शामिल हैं।


यदि DMK सरकार के पक्ष में मतदान करती है, तो NDA का आंकड़ा 346 तक पहुंच जाएगा, जिससे उन्हें केवल 14 और वोटों की आवश्यकता होगी। यदि DMK मतदान से अनुपस्थित रहती है, तो कुल सांसदों की संख्या 518 रह जाएगी, और ऐसे में NDA को 21 सांसदों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है।


राज्यसभा में NDA की स्थिति

महिला आरक्षण बिल: राज्यसभा में NDA के पास वर्तमान में 154 सांसद हैं, और उन्हें YSR कांग्रेस के चार सांसदों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। ऐसे में राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए NDA को केवल छह और वोटों की आवश्यकता होगी।


इस प्रकार, NDA के लिए संसद में अपने महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए राजनीतिक गणित समझना और समर्थन जुटाना आवश्यक है।


Read This Also:- ममता बनर्जी हमले पर शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान आया सामने!