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राज्यसभा में छात्र आंदोलन पर हंगामा, गृह मंत्री तक बड़ी अपील
07 Aug 2026
छात्र आंदोलन: पुलिस कार्रवाई पर हंगामा
छात्र आंदोलन: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद के मॉनसून सत्र में लगातार हंगामा जारी है। विपक्ष इस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग कर रहा है। इस बीच, गुरुवार को राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला, जब राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू से कहा कि वे 'विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष रखें।'
उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया था। विपक्ष का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और पैलेट गन का इस्तेमाल किया। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बयान की मांग को लेकर पिछले दो सप्ताह से संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है।
खड़गे की मांग
छात्र आंदोलन: गुरुवार को दोपहर 12 बजे जब राज्यसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को सदन में आने की मांग की। खड़गे ने कहा, "हम आसन से अनुरोध करते हैं कि गृह मंत्री को आकर बयान देने का निर्देश दिया जाए। हम इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने दिवंगत अरुण जेटली के उस विचार का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने व्यवधान को संसदीय लोकतंत्र का हिस्सा बताया था।
खड़गे ने व्यंग्य करते हुए कहा, "जब हम जायज सवाल पूछ रहे हैं, तो वे बच रहे हैं।" इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने किरण रिजिजू की ओर रुख किया और उन्हें खरगे के अनुरोध पर विचार करने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बयान देना या न देना अंततः अमित शाह का फैसला होगा।
राज्यसभा के सभापति का निर्देश
कांग्रेस राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सभापति का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि संसदीय कार्य मंत्री आज दोपहर 12:16 बजे दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे।
हालांकि, किरण रिजिजू ने विपक्ष के इस दावे को खारिज कर दिया कि सभापति ने उन्हें गृह मंत्री के सामने विपक्ष की भावनाओं को रखने के लिए कहा है। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ऐसा दावा कर रहा है लेकिन सभापति ने ऐसा नहीं कहा।
नियमों का हवाला देते हुए पलटवार
सभापति के निर्देश से पहले, रिजिजू और खरगे के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। शून्य काल में हो रही नारेबाजी के बीच, रिजिजू ने विपक्ष के हंगामे का हवाला देते हुए नियम 235(2) और 240 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "हर दिन खरगे जी वही बात पढ़ते हैं, वही बात कहते हैं, यह नियम हमारे नेता प्रतिपक्ष पर लागू होता है।"
छात्र आंदोलन: संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सुबह से शाम तक संसद में उपस्थित रहते हैं, लेकिन विपक्ष सदन को चलने नहीं देता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक की समस्या को हल करने के लिए क्रांतिकारी उपाय किए हैं, फिर भी विपक्ष एक ही मुद्दे पर ड्रामा कर रहा है।
खरगे की प्रेस कॉन्फ्रेंस
राज्यसभा में सभापति की टिप्पणी से उत्साहित मल्लिकार्जुन खरगे ने बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि उनका अनुरोध बहुत साधारण है और सरकार के नियंत्रण में है। खड़गे ने कड़े शब्दों में कहा, "इतनी गंभीर घटना हुई है, फिर भी गृह मंत्री ने बयान नहीं दिया है। प्रधानमंत्री को भी सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए।"
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