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सोनम वांगचुक बयान: गाली वाले वीडियो पर सरकार को चेताया

 06 Aug 2026

सोनम वांगचुक बयान की प्रतिक्रिया

सोनम वांगचुक बयान: पेपर लीक के खिलाफ भूख हड़ताल करने वाले जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हाल ही में छात्र आंदोलन के दौरान वायरल हुए अपशब्दों वाले वीडियोज पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा है कि वह इस तरह की भाषा को स्वीकार नहीं करते, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि सरकार इस बात पर विचार करे कि युवा इतनी हताशा का सामना क्यों कर रहे हैं।


वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा राजनीति से दूर रहने के निर्णय का भी समर्थन किया है। उनका मानना है कि यदि पार्टी एक राजनीतिक दल बनती है, तो वह कुछ के पक्ष में और कुछ के खिलाफ हो जाएगी। इसलिए, प्रेशर ग्रुप के रूप में रहकर कमजोर वर्गों की आवाज उठाना अधिक प्रभावी होगा।


सरकार को संदेश

सोनम वांगचुक बयान: इंडिया टुडे के साथ बातचीत में, वांगचुक ने आंदोलन के दौरान उठाए गए आपत्तिजनक नारों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'मैं अपशब्दों के इस्तेमाल को बिल्कुल भी सही नहीं मानता हूं।' इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, 'लेकिन यह सरकार के लिए एक बड़ा संकेत है कि हमारा युवा किस हद तक हताश हो चुका है।'


वांगचुक ने कहा कि यदि वह प्रधानमंत्री होते, तो पहले अपने व्यवहार पर विचार करते कि उन्होंने युवाओं को किस प्रकार आहत किया है। उन्होंने सलाह दी, 'संदेश को समझो। उसे लेकर आने वाले दूत को मत मारो।' उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा करने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वास्तविक छात्रों को अपनी नाराजगी जताने से नहीं रोकना चाहिए।


झारखंड आंदोलन पर वांगचुक का दृष्टिकोण

जब वांगचुक से झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वह हर छात्र आंदोलन का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा नहीं बनना चाहता। मैं चाहता हूं कि सभी लोग अपनी जगहों पर खुद हीरो बने।'


सोनम वांगचुक बयान: हालांकि, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे शिक्षा और पर्यावरण के मुद्दों पर चल रही मुहिमों का समर्थन करते रहेंगे। वांगचुक ने कहा, 'शिक्षा और पर्यावरण ऐसे विषय हैं, जो मेरे दिल के बेहद करीब हैं। अगर इन दो विषयों पर कोई आवाज उठा रहा है, तो मैं उनका समर्थन करना चाहूंगा।'


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