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यूसुफ पठान-शुभेंदु की मुलाकात, वोटर सत्यापन की बड़ी मांग उठी
06 Aug 2026
वोटर सत्यापन: यूसुफ पठान की सीएम से मुलाकात
वोटर सत्यापन: बहरामपुर से लोकसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। एनडीए की लगातार दो बैठकों से अनुपस्थित रहने के बाद यह मुलाकात कई सवालों को जन्म देती है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों के साथ एनडीए के घटक दलों के नेताओं की बैठक हुई थी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए एनसीपीआई के 20 सांसदों में से तीन सांसदों ने भाग नहीं लिया।
इस बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में यूसुफ पठान भी शामिल थे। इस स्थिति ने उनके और एनडीए के बीच संभावित मतभेदों के संकेत दिए हैं।
वोटर्स के लिए विशेष अदालत और हेल्प डेस्क की मांग
वोटर सत्यापन: यूसुफ पठान ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि 27 से 32 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जिससे उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में एक पत्र भी मुख्यमंत्री को लिखा था।
मुलाकात के बाद पठान ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री के सामने उन लोगों की समस्याओं का जिक्र किया है जिनके नाम हटा दिए गए हैं। हमारी अपील है कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाए और प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।"
उन्होंने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर ट्रिब्यूनल कोर्ट स्थापित किया जाए ताकि लोगों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए दूर नहीं जाना पड़े। इसके अलावा, एक समर्पित हेल्प डेस्क की भी आवश्यकता बताई गई, जो आम नागरिकों को कानूनी प्रक्रियाओं में सहायता कर सके।
बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल
वोटर सत्यापन: पश्चिम बंगाल की राजनीति में मई 2026 के चुनाव के बाद से कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल होने वाले बागी सांसदों का रुख अब भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, एनडीए का समर्थन करने के बावजूद, यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान की एनडीए की बैठकों में अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं।
अबू ताहिर ने स्पष्ट किया है कि वे "न तो बीजेपी में हैं और न ही एनडीए में।" फिर भी, सीएम शुभेंदु अधिकारी द्वारा आयोजित लंच में उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि राजनीतिक बातचीत और सौदेबाजी का सिलसिला अभी भी जारी है।
बागी सांसदों के भविष्य पर विचार
वोटर सत्यापन: यूसुफ पठान और उनके साथी सांसदों की अनुपस्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि लोकसभा में 20 सदस्यीय एनसीपीआई समूह को मान्यता देने का मामला अभी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष विचाराधीन है।
यदि इस अलग हुए समूह को तृणमूल कांग्रेस के मूल 28 लोकसभा सांसदों में से कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन नहीं मिलता, तो उन्हें दल-बदल रोधी कानून के तहत सुरक्षा नहीं मिल सकेगी।
एनसीपीआई के सदन के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने इस संदर्भ में कहा कि वे सभी एकजुट हैं और असंतुष्ट सांसदों के बीच मतभेद की अटकलें निराधार हैं।
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