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संसद विशेष सत्र: 16 अगस्त से परिसीमन, महिला आरक्षण चर्चा।

 05 Aug 2026

संसद विशेष सत्र का आयोजन

संसद विशेष सत्र: केंद्र सरकार लंबे समय से लंबित परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने के लिए संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित करने की योजना बना रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह विशेष सत्र 16 से 18 अगस्त के बीच बुलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन महत्वपूर्ण विधेयकों को शीघ्रता से पारित कराना है, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते यह कार्य आसान नहीं लग रहा है।


संसद में जारी गतिरोध को देखते हुए, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक राहुल गांधी के कार्यालय में हुई, जिसमें कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल थीं।


विपक्षी दलों का रुख

संसद विशेष सत्र: सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि वे परिसीमन विधेयक पर अपनी चिंताओं का समाधान होने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। इस बीच, सरकार ने आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।


मॉनसून सत्र के दौरान सदन में हंगामे और कार्यों के ठप होने के बीच, यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से दो मुख्य मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं: 22 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदे में कथित वित्तीय हेरफेर के आरोप।


विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

बुधवार सुबह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने प्रेरणा स्थल पर स्थित गांधी प्रतिमा से संसद के मकर द्वार तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की।


यह प्रदर्शन सरकार के खिलाफ उनकी चिंता और असंतोष को दर्शाता है, विशेषकर जब परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।


परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक की जानकारी

संसद विशेष सत्र: परिसीमन विधेयक देश में जनसंख्या के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से निर्धारित करने से संबंधित है। इस पर विपक्षी दलों, विशेषकर दक्षिण भारत के राज्यों की चिंताएं हैं।


महिला आरक्षण विधेयक, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है, जिससे महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिल सके।


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