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NCP प्रवक्ता बर्खास्तगी: राष्ट्रवादी कांग्रेस में उठे सवाल।

 05 Aug 2026

NCP प्रवक्ता बर्खास्तगी: पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल

NCP प्रवक्ता बर्खास्तगी: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में फेरबदल की प्रक्रिया जारी है, जिसमें वरिष्ठ नेता शरद पवार की अगुवाई में सभी प्रवक्ताओं को एक बार में बाहर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह कदम उन प्रवक्ताओं की प्रदर्शनहीनता के चलते उठाया गया, जो पार्टी के अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।


हालांकि, पार्टी के इस निर्णय का औपचारिक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है। इससे पहले भी एनसीपी ने संगठन स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे पार्टी की संरचना में लगातार परिवर्तन हो रहा है।


प्रवक्ताओं की बर्खास्तगी की प्रतिक्रिया

NCP प्रवक्ता बर्खास्तगी: इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक पूर्व प्रवक्ता ने इस अचानक निर्णय पर अपनी असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा, 'हमें इस निर्णय के बारे में कुछ भी नहीं पता। यह संभवतः चल रहे संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा होगा। नई नियुक्तियों के बारे में जल्दी ही जानकारी मिल जाएगी।'


मंगलवार रात, पार्टी के नेता शशिकांत शिंदे ने एक प्रेस नोट जारी कर सभी प्रवक्ताओं की नियुक्तियों को रद्द करने की सूचना दी। उन्होंने यह भी बताया कि नई नियुक्तियों तक विद्या चव्हाण और महेश तापसे प्रवक्ताओं के कार्यभार की जिम्मेदारी संभालेंगे।


अन्य संगठनात्मक परिवर्तन

हाल के दिनों में एनसीपी ने कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। शशिकांत शिंदे को पार्टी की छात्र विंग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि विशाल वाकडकर को युवा मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, राम राठौड़ को शिक्षकों की सेल का प्रमुख बनाया गया है। इन परिवर्तनों से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी आगे भी संगठन में और बदलाव कर सकती है।


हालांकि, पार्टी की ओर से इस बदलाव की योजना के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।


परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं का मुद्दा

NCP प्रवक्ता बर्खास्तगी: यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब एनसीपी ने परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र स्वास्थ्य एवं तकनीकी समान प्रवेश परीक्षा (MHT-CET) को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के इस्तीफे की मांग की है।


पवार ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्व की जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र 25 लाख रुपये में लीक किया गया था।


भ्रष्टाचार की जांच और आगे की कार्रवाई

पवार ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग की भर्ती परीक्षा से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्यों की खोज हुई है, जिसमें परीक्षा की अंकन प्रणाली लीक होने की बात सामने आई है। इसके अलावा, उन्होंने तलाठी भर्ती परीक्षा में भी कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया। इन घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए भायखला पुलिस थाने जाएगी, ताकि इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर किया जा सके।


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