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लोकसभा में SC संशोधन बिल पास, विपक्ष का हंगामा जारी।
03 Aug 2026
SC संशोधन बिल: लोकसभा की कार्यवाही में बाधा
सोमवार को लोकसभा में राम मंदिर चढ़ावा चोरी तथा दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई। दो बार स्थगन के बाद, अपराह्न दो बजे 10 मिनट पर बैठक को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी हंगामे के बीच सदन ने SC संशोधन बिल को बिना चर्चा के पारित कर दिया।
विपक्षी सदस्यों के शोर-गुल के बीच सरकार ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 और बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 भी पेश किए। सदन की बैठक की शुरुआत पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता की सराहना की और उन्हें बधाई दी। जब उन्होंने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, तब विपक्ष के सदस्य फिर से हंगामा करने लगे।
विधेयकों की पेशी
SC संशोधन बिल: कार्यवाही बाधित होने के कारण, अध्यक्ष ने दोपहर 12 बजे तक बैठक स्थगित कर दी। जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। इसी बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किए। हंगामे को देखते हुए, पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कुछ ही समय बाद कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।
SC संशोधन बिल के प्रावधान
जब सदन की बैठक अपराह्न दो बजे पुनः शुरू हुई, तो कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया। इस विधेयक में उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव है। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर नारेबाजी करते रहे।
यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने, लंबित मामलों में कमी लाने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
प्रश्नकाल और शून्यकाल का न होना
SC संशोधन बिल: पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने और विधेयक पर चर्चा में भाग लेने का अनुरोध किया, लेकिन सदन में स्थिति वही बनी रही। अंततः, विपक्षी सदस्यों के शोर के बीच विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद भी हंगामा जारी रहने पर, तेन्नेटी ने कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई को प्रारंभ हुआ था, और तब से विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण आज लगातार 11वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके।
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