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बृजभूषण बरी: यौन उत्पीड़न मामले पर पहली प्रतिक्रिया, बोले सच

 03 Aug 2026

बृजभूषण बरी: कोर्ट से बरी होने की घोषणा

बृजभूषण बरी: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में अदालत से बाइज्जत बरी होने के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा कहा है कि सभी आरोप निराधार हैं। बृजभूषण ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने यह भी कहा था कि यदि एक भी आरोप सिद्ध होता है, तो वह आत्महत्या करने के लिए फांसी पर लटक जाएंगे।


कोर्ट के निर्णय के बाद बृजभूषण ने कहा, "माननीय जज साहब ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैं यही कहना चाहता हूं कि मैंने पहले दिन से कहा था कि यदि मेरे खिलाफ एक भी आरोप साबित हो जाता है, तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा।" उन्होंने कहा कि कोर्ट के इस निर्णय से उनके समर्थक अत्यंत प्रसन्न हैं।


राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला

बृजभूषण बरी: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने सोमवार को बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी करने का आदेश दिया। इस मामले में लगभग दो साल से चल रही सुनवाई अब समाप्त हो गई है। इससे पहले, अदालत ने दोनों पक्षों की लिखित दलीलें जमा करने के बाद 2 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।


बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसमें कई महिला पहलवानों ने उन पर अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया था। यह मामला तब सार्वजनिक हुआ जब छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर कई वर्षों तक यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। इन आरोपों के बाद, 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने धरना-प्रदर्शन किया था।


आरोपों का विवरण और राजनीतिक प्रभाव

बृजभूषण शरण सिंह पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354, 354A और 506(1) के तहत आरोप लगाए गए थे। इन धारा के अंतर्गत महिला की लज्जा भंग करने, यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी के मामले शामिल हैं। साथ ही, उनके करीबी सहयोगी विनोद तोमर पर भी धमकी देने के आरोप थे।


बृजभूषण बरी: उक्त विवाद के बढ़ने के बाद बृजभूषण शरण सिंह को कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। वहीं, विनोद तोमर को भी निलंबित किया गया था। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पहलवानों के आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, पहलवानों का कहना था कि इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्होंने अप्रैल 2023 में फिर से अपना आंदोलन शुरू किया।


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