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दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में अपने विधायकों पर उठाए सवाल।

 03 Aug 2026

दिलीप घोष: भ्रष्टाचार पर सख्त रुख

पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं से जबरन वसूली और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी, जिसमें कोई भी अपवाद नहीं होगा। इससे पहले, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी यह स्वीकार किया था कि पार्टी के कुछ सदस्य जबरन वसूली में लिप्त हैं।


पूर्व सरकार के प्रभाव से बचने की आवश्यकता

दिलीप घोष ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि कई लोग, जो पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान भ्रष्टाचार में शामिल थे, अब बीजेपी के नेताओं से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जबरन वसूली की संस्कृति रातों-रात समाप्त नहीं होगी। ऐसे लोग हमारी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के करीब आने की कोशिश कर रहे हैं।'


नए विधायकों पर कड़ी नज़र

मंत्री घोष ने कहा कि कुछ नए विधायकों को सत्ता के नशे का अनुभव हो रहा है, जिससे वे जबरन वसूली करने वालों के प्रभाव में आ रहे हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं को सचेत किया कि जनता ने बदलाव की उम्मीद से वोट दिया है, इसलिए उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे किसके साथ संबंध बना रहे हैं।


दिलीप घोष ने यह भी बताया कि पार्टी अपने नेताओं के आचरण पर बारीकी से नज़र रख रही है और किसी भी तरह के सिद्धांतों से भटकाव की जांच की जाएगी। यह बयान समिक भट्टाचार्य की चेतावनी के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने नेताओं को जबरन वसूली में शामिल होने से रोका था और गड़बड़ियों के मामले में संगठनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई थी।


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