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ई-20 पेट्रोल पर टीम भारत की मंत्री से मुलाकात, मार्च टला
31 Jul 2026
ई-20 पेट्रोल: गाड़ी मार्च की घोषणा के बाद मुलाकात
उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला के नेतृत्व में 'टीम भारत' ने ई-20 पेट्रोल के खिलाफ संसद भवन तक गाड़ी मार्च निकालने की योजना बनाई थी। हालाँकि, हालिया जन विरोध को देखते हुए सरकार ने पहले ही टीम भारत के नेताओं से बातचीत करने का निर्णय लिया। बुधवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने टीम भारत के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
पूनावाला ने 31 मार्च को गाड़ी मार्च आयोजित करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बाद उन्हें एक बड़ा झटका तब लगा जब उनका इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया।
ई-20 पेट्रोल के खिलाफ अभियान
पूनावाला पिछले कुछ समय से ई-20 पेट्रोल के खिलाफ वीडियो साझा कर रहे थे और उन्होंने इंडिया गेट से संसद मार्ग तक गाड़ी मार्च का ऐलान किया था। उनका मानना है कि ई-20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाए जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होने पर उन्होंने कहा, "सरकार अब इंस्टाग्राम से भी डरने लगी है। लोग जानते हैं कि मैं एक सभ्य इंसान हूं और तर्कों पर बात करता हूं।"
आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी एथेनॉल ब्लेंडिंग के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है और 1 अगस्त को संविधान क्लब में एक बैठक बुलाई है। पूनावाला ने केंद्रीय मंत्री पुरी से मुलाकात के लिए आभार व्यक्त किया, जिसमें कृषि और उद्योग मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल थे।
गाड़ी मार्च को स्थगित करने का निर्णय
टीम भारत के नेता तहसीन पूनावाला ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उन्हें सलाह दी कि 31 मार्च को मार्च आयोजित न किया जाए। उन्होंने कहा, "31 जुलाई को पूरी योजना के साथ एक प्रदर्शन किया जाएगा।" दिल्ली पुलिस ने भी कहा है कि बातचीत जारी है, इसलिए मार्च को टालने का सुझाव दिया गया है।
पूनावाला ने कहा, "सरकार ने हमसे संपर्क किया है, इसके लिए हम आभारी हैं। लेकिन हम मंत्रालय को एक डेडलाइन देंगे, जिसमें हमारी मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।"
टीम भारत की मांगें
टीम भारत ने एथेनॉल कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद करने की मांग नहीं की है, बल्कि उनका कहना है कि इसे लागू करने का तरीका गलत है। पूनावाला ने बताया कि उनकी एक प्रमुख मांग है कि 2023 से पहले की बनी गाड़ियों के लिए ई-19 पेट्रोल उपलब्ध होना चाहिए, क्योंकि ये गाड़ियाँ ई-20 के लिए डिज़ाइन नहीं की गई थीं।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर उचित मूल्य पर शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध होना चाहिए और ई-20 की कीमत को शुद्ध पेट्रोल की तुलना में कम से कम 20 प्रतिशत सस्ता होना चाहिए। पूनावाला ने यह भी सवाल उठाया कि नेपाल जैसे देश, जो भारत से प्रोसेस्ड फ्यूल लेता है, सस्ती कीमतों में तेल क्यों दे सकता है जबकि भारत नहीं।
विपक्ष और समाज में प्रतिक्रिया
ई-20 पेट्रोल के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक व्यापक अभियान चल रहा है, और विपक्ष ने भी सरकार के इस कदम की तीव्र आलोचना की है। दिल्ली के कई ट्रांसपोर्ट संगठनों ने भी ई-20 के खिलाफ संसद मार्च का ऐलान किया था, उनका कहना है कि ब्लेंडेड पेट्रोल के कारण गाड़ियों का माइलेज प्रभावित होता है। हालांकि, सरकार ने इन दावों को खारिज किया है।
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