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एनडीए बैठक में मुस्लिम सांसदों की वापसी पर तेज हुई चर्चा।

 31 Jul 2026

एनडीए बैठक की 'मंगल मिलन' बैठक

एनडीए बैठक: संसद का मॉनसून सत्र जारी है और इस बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक को 'मंगल मिलन' का नाम दिया गया। ममता बनर्जी की पार्टी से बगावत कर अलग मोर्चा बनाने वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया, जिसमें अधिकांश बागी सांसद शामिल हुए।


हालांकि, ताजा जानकारी के अनुसार, इस बैठक में बागी गुट के तीन मुस्लिम सांसद अनुपस्थित रहे। टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ममता गुट में उठ रही बगावत के संदर्भ में जब सौगत रॉय से सवाल किया गया, तो उन्होंने इन तीन सांसदों की अनुपस्थिति का उल्लेख किया।


अनुपस्थित सांसदों की पहचान

बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान शामिल हैं। ये तीनों सांसद मंगलवार को संसद में उपस्थित थे, लेकिन एनडीए की इस उच्चस्तरीय बैठक में शामिल नहीं हुए। बीजेपी के केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी इन तीनों सांसदों की अनुपस्थिति की पुष्टि की है।


सौगत रॉय ने कहा कि मुर्शिदाबाद से आने वाले ये मुस्लिम सांसद एनडीए की विचारधारा से सहमत नहीं हैं और संभवतः ममता बनर्जी के खेमे में लौटने के रास्ते तलाश रहे हैं।


वापसी की संभावना

एनडीए बैठक: सौगत रॉय ने स्पष्ट किया कि यदि ये तीनों सांसद तृणमूल कांग्रेस में वापस आना चाहते हैं, तो उन्हें औपचारिक आवेदन देना होगा, जिस पर पार्टी नेतृत्व विचार करेगा। उन्होंने कहा, "वे स्वतंत्र और धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं। एनडीए का गठबंधन उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं है।"


इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने अपने 20 सांसदों के बगावत को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें तुरंत अयोग्य घोषित करने की मांग की है।


तृणमूल का विरोध और आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर पार्टी में फूट डालने का प्रयास कर रही है। यह बयान तब आया जब नई दिल्ली में निलंबित तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने गले में '20 गद्दार' लिखा पोस्टर पहनकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।


एनडीए बैठक: कोलकाता में तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने भाजपा और ओम बिरला पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी संवैधानिक संस्थाओं और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने उन 20 बागी सांसदों को तुरंत अयोग्य ठहराने की मांग की, जो तृणमूल के टिकट पर चुने गए थे लेकिन बाद में काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाली एससीपीआई में शामिल हो गए और एनडीए को समर्थन दिया।


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