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राजस्थान कांग्रेस गुटबाजी से बढ़ा तनाव, नेताओं में टकराव।
31 Jul 2026
राजस्थान कांग्रेस गुटबाजी: कांग्रेस में नई चुनौतियाँ
राजस्थान कांग्रेस गुटबाजी: पंजाब में गुटबाजी का सामना कर रही कांग्रेस के लिए राजस्थान में नए संकट का सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान में पार्टी के अंदर विभिन्न गुटों का निर्माण हो गया है। हालिया तनाव भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के मामले को लेकर उत्पन्न हुआ है, जिस पर प्रदेश नेतृत्व ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह जॉइनिंग समारोह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
गहलोत ने हाल ही में 300 BAP नेताओं को कांग्रेस में शामिल कराया है। इस आयोजन के लिए विशेष समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें पूर्व मंत्री महेंद्र मालवीय की अगुवाई में नए नेता शामिल हुए। विवाद का कारण यह है कि गहलोत ने इस निर्णय के बारे में प्रदेश नेतृत्व को पूर्व में सूचित नहीं किया।
कांग्रेस अध्यक्ष की नाराजगी
राजस्थान कांग्रेस गुटबाजी: राजस्थान में कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गहलोत के इस कदम की आलोचना की है। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर गहलोत का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपनी ब्रांडिंग के लिए काम कर रहे हैं। डोटासरा ने कहा, 'अगर कोई अपनी ब्रांडिंग के लिए काम कर रहा है, तो उन्हें शुभकामनाएं। मैं कांग्रेस के लिए काम करता हूं और मेरी वफादारी हमेशा कांग्रेस पार्टी के प्रति रहेगी।'
सूत्रों के अनुसार, डोटासरा ने इस मुद्दे को दिल्ली में उठाने का निर्णय लिया है और सांसद केसी वेणुगोपाल समेत अन्य नेताओं से चर्चा की है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से आधिकारिक रूप से इस विषय पर कोई बयान नहीं आया है।
महेंद्र मालवीय के प्रति नाराजगी
डोटासरा ने महेंद्र मालवीय पर भी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा, 'जो भी कांग्रेस छोड़ता है, वह आमतौर पर हार जाता है। वह BJP में शामिल होने के बाद हार गए थे। मैंने उन्हें चुनौती दी थी कि वह कोई चुनाव नहीं जीत पाएंगे।' डोटासरा ने कहा कि मालवीय अब उनके सामने खड़े हैं, फिर भी उन्हें उनकी काबिलियत का भरोसा है।
राजस्थान कांग्रेस गुटबाजी: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई कांग्रेस के खिलाफ काम करेगा तो उन्हें पार्टी से बाहर किया जाएगा। डोटासरा ने कहा, 'हम उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे, लेकिन अगर वे पार्टी के खिलाफ जाएंगे तो मैं उन्हें खारिज कर दूंगा।'
गुटबाजी की स्थिति
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजस्थान कांग्रेस में चार अलग-अलग खेमों के बनने की बातें सामने आ रही हैं। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा, पूर्व सीएम गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, ये सभी अलग-अलग गुटों का नेतृत्व कर रहे हैं।
हालांकि, किसी भी नेता ने इस विभाजन पर टिप्पणी नहीं की है। डोटासरा ने कहा कि सभी नेता एकजुट हैं, लेकिन पार्टी के अंदर की स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है।
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