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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर अभिजीत दीपके से मिले शिवसेना नेता।

 31 Jul 2026

जंतर-मंतर प्रदर्शन: शिवसेना नेताओं का अभिजीत दीपके से मिलना

जंतर-मंतर प्रदर्शन: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के विधान परिषद सदस्य बच्चु कडू ने गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के प्रमुख अभिजीत दीपके से मुलाकात की। यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट भी दीपके से मिल चुके हैं, जहाँ उन्होंने सुरक्षा की मांग की थी।


कडू ने संवाददाताओं को बताया कि यह उनकी निजी मुलाकात थी, न कि किसी सरकारी या पार्टी प्रतिनिधि के रूप में। उन्होंने कहा, 'मैं एक आंदोलनकारी के नाते दूसरे आंदोलनकारी से मिलने आया हूँ।' कडू को दिव्यांगों और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए जाना जाता है।


दीपके को मिल रही धमकियों पर कडू की टिप्पणी

जंतर-मंतर प्रदर्शन: जब दीपके को मिल रही धमकियों के बारे में पूछा गया, तो कडू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को उन लोगों से बात करनी चाहिए, जो इन्हें धमकी दे रहे हैं और 'गलत व्यवहार' कर रहे हैं। उन्होंने विरोध-प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार मानते हुए स्पष्ट किया कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है।


कडू ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में दीपके की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि उन्हें इस आंदोलन के लिए बधाई दी जानी चाहिए।


सुरक्षा की मांग और दीपके के प्रयासों की सराहना

जंतर-मंतर प्रदर्शन: संजय शिरसाट ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि अभिजीत दीपके ने एक महत्वपूर्ण क्रांति की शुरुआत की है और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपके के माता-पिता चिंतित हैं, क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें।


शिरसाट ने यह भी बताया कि दीपके को बोस्टन विश्वविद्यालय में जनसंपर्क की पढ़ाई के दौरान अमेरिका में नौकरी की पेशकश भी हुई थी। लेकिन उन्होंने छात्रों के लिए कुछ करने का निर्णय लिया। मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र का एक निवासी देश में क्रांति की शुरुआत कर रहा है।


आंदोलन की सफलता पर मंत्री का आश्वासन

जंतर-मंतर प्रदर्शन: शिरसाट ने यह भी कहा कि प्रदर्शन खत्म हो गया है और छात्रों की मांगें पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि दीपके का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और वे इस आंदोलन का श्रेय भी नहीं लेना चाहते। उनके अनुसार, यह सफलता समाज के समर्थन के कारण संभव हुई है।


उनका कहना था, 'मेरे बेटे (दीपके) को सफलता इसलिए मिली, क्योंकि समाज के लोगों ने उसका समर्थन किया।' इस प्रकार, अभिजीत दीपके का आंदोलन न केवल छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में जागरूकता और परिवर्तन का प्रतीक बन चुका है।


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