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ISKCON मिडडे मील: पश्चिम बंगाल में अंडे वितरण का नया तरीका।
30 Jul 2026
ISKCON मिडडे मील: अंडे के वितरण का निर्णय
ISKCON मिडडे मील: पश्चिम बंगाल सरकार ने मध्याह्न भोजन में अंडे को शामिल करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद ISKCON को भोजन व्यवस्था का जिम्मा सौंपे जाने पर विवाद उत्पन्न हुआ था। अब राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंडे अलग से प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पहले नाश्ते में अंडे और गर्म भोजन के लिए आवंटन प्रति प्लेट दो रुपये बढ़ाने की योजना बनाई थी।
हंगामा और आपत्तियाँ
ISKCON मिडडे मील: ISKCON को मध्याह्न भोजन का कार्य सौंपने के खिलाफ कुछ वर्गों ने आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि यह धार्मिक संगठन केवल शाकाहारी भोजन परोसेगा, जिससे बच्चों को अंडे नहीं मिल पाएंगे। इसके बाद राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर ध्यान देकर नई व्यवस्था लागू की।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया, '1 अगस्त से कोलकाता के कई स्कूलों में एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इस्कॉन की ओर से बच्चों को शुद्ध सात्विक और प्रोटीन से भरपूर भोजन दिया जाएगा। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अंडे भी अलग से वितरित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को प्रोटीन से भरपूर आहार मिल सके।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि अंडे सप्ताह में एक या दो बार अलग से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए आवंटन को प्रति छात्र 6.78 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। इससे कनिष्ठ और वरिष्ठ छात्रों के बीच धन आवंटन में असमानता समाप्त होगी।
बजट में मध्याह्न भोजन का मुद्दा
मध्याह्न भोजन का विषय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में भी शामिल रहा। ऐसी खबरें थीं कि भोजन की जिम्मेदारी ISKCON को सौंपी जाएगी।
ISKCON मिडडे मील: 22 जुलाई को पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने आंगनवाड़ी केंद्रों में महिलाओं और बच्चों के लिए नाश्ते में अंडे और गर्म भोजन के लिए आवंटन प्रति प्लेट दो रुपये बढ़ाने की मंजूरी दी थी। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि कोलकाता के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में भोजन पकाने और आपूर्ति की जिम्मेदारी एक अगस्त से ISKCON संभालेगा।
स्कूल शिक्षा मंत्री का दृष्टिकोण
स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने कहा, 'समाज में कई लोग पूरी तरह शाकाहारी हैं और स्वस्थ जीवन जीते हैं। शाकाहारी भोजन में भी पर्याप्त पोषण होता है। इसलिए बच्चों के लिए अंडा खाना अनिवार्य नहीं है।' यह बयान इस मुद्दे पर सरकार की स्पष्टता को दर्शाता है।
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