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Uddhav Thackeray का हमला, युवाओं को रोजगार चाहिए, सांसद नहीं

 30 Jul 2026

Uddhav Thackeray: छात्र आंदोलन को लेकर सरकार को घेरा

एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में बोलते हुए Uddhav Thackeray ने Paper leak के विरोध में हुए छात्र आंदोलन का जिक्र किया। और उन्होंने कहा कि जब देश का युवा अपने अधिकार और न्याय की मांग के लिए सड़क पर उतरता है और हाथ में पत्थर उठाता है, तो फिर उस छात्र को आतंकवादी की तरह पेश किया जाता है। Thackeray ने कहा कि युवाओं के गुस्से को समझने के बजाय उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने अपने पिता और शिवसेना संस्थापक Bala saheb Thackeray के विचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप अगर समय पर न्याय नहीं मिलता है, तो अन्य तरीके अपनाने की नौबत आती है। उनके अनुसार, छात्रों का आक्रोश भी न्याय की मांग का परिणाम है।

परिसीमन से ज्यादा जरुरी हैं रोजगार 

परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर भी Uddhav Thackeray ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस समय देश को सांसदों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर को बढ़ाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि यदि सरकार रोजगार को उपलब्ध कराने पर ध्यान देगी, तो फिर वही युवा उसे सम्मान और समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत रोजगार सृजन है, न कि संसदीय सीटों का विस्तार।

इस्तेमाल करो और फेंक दो की नीति का आरोप

Uddhav Thackeray ने सरकार पर 'Use and throw' मतलब 'इस्तेमाल करो और फेंक दो' की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। फिर उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके साथ भी यही रवैया अपनाने की कोशिश की, लेकिन ऐसा संभव नहीं है। और उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक रूप से समाप्त नहीं किया जा सकता और समय आने पर वे अपने विरोधियों को जवाब देंगे।

बालासाहेब की विरासत और युवाओं का सम्मान

अपने संबोधन में Thackeray ने कहा कि उन्हें Bala saheb Thackeray से मिली राजनीतिक और वैचारिक विरासत पर गर्व है। और उन्होंने आरोप भी लगाया कि आज युवाओं की भावनाओं को गंभीरता से लेने के बजाय उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जिस देश में युवाओं को 'कॉकरोच' जैसे शब्दों से संबोधित किया जा रहा है, वहां उनके भीतर आक्रोश पैदा होना स्वाभाविक सी बात है।

महिला सशक्तिकरण पर भी सवाल उठाए

महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को लेकर Uddhav Thackeray ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो नारी शक्ति की बात की जाती है, जबकि दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन करने वाली महिलाओं पर लाठीचार्ज होता है। उन्होंने इसे सरकार की कथनी और करनी का विरोधाभास बताया। 

Thackeray ने कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति के हाथों में है, लेकिन वर्तमान में युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है। और उनका आरोप था कि लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने के बजाय मनमाने तरीके से शासन चला रही है।