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कॉकरोच विवाद: युवाओं के समर्थन में उद्धव, शिवाजी का उदाहरण

 30 Jul 2026

कॉकरोच विवाद: युवाओं को अपमानित करने की आलोचना

कॉकरोच विवाद: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को जेन-जी वर्ग को 'कॉकरोच' कहकर खारिज करने की प्रवृत्ति पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुगलों ने महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज को चूहा कहा था, आज उसी तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है।


मुंबई में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए ठाकरे ने बताया कि कॉकरोच कहे जाने वाले युवा वास्तव में जेन-जी श्रेणी के हैं, जिनकी उम्र लगभग 13 से 28 वर्ष के बीच है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शिवाजी महाराज ने केवल 17 वर्ष की आयु में तोरणा किला जीता था।


इतिहास से सबक लेते हुए

कॉकरोच विवाद: उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, "जिन्हें कॉकरोच कहकर अपमानित किया गया, वे उसी वर्ग से आते हैं जिसे अब हम जनरेशन जी कहते हैं। क्या शिवाजी महाराज जब 17 साल के थे, तब इसी उम्र के नहीं थे?" उन्होंने संत ज्ञानेश्वर का भी उल्लेख किया, जो बेहद कम उम्र में 'ज्ञानेश्वरी' की रचना कर चुके थे।


ठाकरे का कहना है कि दोनों महान हस्तियों को अपने समय में गंभीर विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिवाजी महाराज ने मुगल साम्राज्य को चुनौती देने का साहस दिखाया था, इसलिए आज के युवाओं की आवाज को छोटा या कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।


राजनीतिक संदर्भ

कॉकरोच विवाद: उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने भाषणों में 'Gen Z' शब्द और संबंधित स्लैंग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। सत्ता पक्ष के सदस्य केंद्र सरकार के सुधारों का बचाव कर रहे हैं, जबकि विपक्षी सांसद NEET विवाद पर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।


इस संदर्भ में, ठाकरे ने युवा पीढ़ी के प्रति संवेदनशीलता और समझ की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि उन्हें अनदेखा न किया जाए।


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