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गौरव गोगोई ने एंटी पेपर लीक बिल को सरकार की नाकामी बताया।
28 Jul 2026
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा
लोकसभा में मंगलवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा प्रारंभ हुई। इस सिलसिले में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस विधेयक की तीखी आलोचना की और इसे सरकार की नाकामी का प्रतीक करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) में स्वीकृत केवल 34 पद हैं, फिर 47 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कैसे की गई है? गोगोई ने सरकार से इन 47 के विवरण की मांग की।
एनटीए की कार्रवाई पर उठाए सवाल
एंटी पेपर लीक बिल: गोगोई ने आरोप लगाया कि एनटीए के महानिदेशक को हटाया गया लेकिन चेयरमैन को बरकरार रखा गया। उन्होंने कहा कि इस चेयरमैन का संबंध एक विशेष संगठन से है, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में धांधली के आरोपों से जुड़ा हुआ है। शिक्षा विभाग में सुधार न होने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस के लिए यह विभाग महत्वपूर्ण है, जिसके चलते विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
राधाकृष्णन समिति और पेपर लीक की घटनाएं
गोगोई ने प्रधानमंत्री के इंस्टाग्राम पर ध्यान देने वाले बयान का उल्लेख करते हुए पूछा कि राधाकृष्णन समिति, जो दो साल पहले गठित हुई थी, का क्या हुआ। उनका कहना था कि अगर सरकार ने अच्छा काम किया होता, तो पेपर लीक की घटनाएं क्यों होतीं? उन्होंने बिल को केवल दिखावे का संशोधन विधेयक बताते हुए कहा कि दो साल पहले भी ऐसे ही दावे किए गए थे।
प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना
एंटी पेपर लीक बिल: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए गोगोई ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाई गईं, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और एक लड़की को थप्पड़ मारा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर भी हमला हुआ और गृह मंत्री से इस पर जवाब मांगा।
शिक्षा व्यवस्था और युवा आत्महत्याएं
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए गोगोई ने बताया कि छात्र आत्महत्याओं का आंकड़ा एक लाख से अधिक है और केवल सजा बढ़ाने से शिक्षा में सुधार नहीं होगा। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को केवल प्रतीक बताते हुए कहा कि युवा सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने वसीम बरेलवी की कविता का पाठ कर लोकतंत्र की ताकत को प्रदर्शित किया।
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल
गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के माध्यम से युवाओं को दल का वोटर बनाने में ज्यादा रुचि ले रही है, बजाय इसके कि उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाए। उन्होंने इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त की और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
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