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सीजेआई का बयान: पुलिस की बर्बरता की स्वतंत्र जांच आवश्यक है
28 Jul 2026
सीजेआई का बयान: सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
सीजेआई का बयान: नीट परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता दिखाई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व में पीठ ने स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना स्वाभाविक है। अगर पुलिस ने बर्बरता की है, तो इसके लिए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए जाएंगे।
सीजेआई सूर्यकांत ने पहले भी पुलिस बर्बरता से संबंधित मामलों पर टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि केवल विरोध होने के कारण लाठीचार्ज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मंगलवार को दोहराया कि संविधान के तहत नागरिकों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है।
पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच पर जोर
सीजेआई का बयान: सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि प्रदर्शनकारी छात्रों, महिलाओं, वकीलों और पत्रकारों के साथ पुलिस की बर्बरता के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जा सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने देशभर में विरोध-प्रदर्शनों और भीड़ नियंत्रण के लिए एक समान प्रोटोकॉल बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पीठ में शामिल जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित बर्बरता और हिंसा के मामलों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। सीजेआई ने कहा, 'जिन्होंने भी बर्बरता की है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।'
पुलिस और छात्रों के बीच टकराव का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की निष्पक्षता की जांच की जानी चाहिए, साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि क्या 250 पुलिसकर्मियों पर हमले के पीछे छात्रों का हाथ था या असामाजिक तत्व भी शामिल थे।
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों ने पुलिस पर हमला नहीं किया, लेकिन प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे, जिन्होंने हिंसा की।
20 जुलाई की घटना
सीजेआई का बयान: 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी की अपील पर दिल्ली में संसद मार्च का आयोजन किया गया था, जिसमें हजारों प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्थानों पर बल प्रयोग किया, जिनमें लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले शामिल थे।
इसके साथ ही कई रिपोर्टों में पैलेट गन चलाने की भी खबरें आईं हैं। सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है।
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