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8 दिन बाद संसद में परीक्षा विधेयक पर शुरू होगी अहम चर्चा।
28 Jul 2026
परीक्षा विधेयक: सदन में गतिरोध समाप्त
परीक्षा विधेयक: संसद में पिछले आठ दिनों से चल रहा गतिरोध सोमवार को समाप्त हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के परिणामस्वरूप सत्ता पक्ष और विपक्ष लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के लिए सहमत हुए। यह चर्चा मंगलवार को दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगी। इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण चर्चा संभव नहीं हो सकी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई और गृह मंत्री के जवाब की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा।
ओम बिरला की पहल
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कई अवसरों पर विपक्ष से अनुरोध किया कि सदन को चलाने और चर्चा को प्रारंभ करने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह विधेयक करोड़ों युवाओं के भविष्य से संबंधित है।
परीक्षा विधेयक: बिरला ने सभी दलों से आम सहमति बनाने का आग्रह करते हुए तीन घंटे का समय दिया, जिसमें शाम पांच बजे तक सहमति प्राप्त करने की बात कही। इस दौरान, उन्होंने स्पष्ट किया कि विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
विपक्ष की सहमति
सूत्रों के अनुसार, ओम बिरला की बैठकों के बाद विपक्ष ने विधेयक पर चर्चा के लिए अपनी सहमति दे दी। हालांकि, सोमवार की शाम तक हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित कर दी गई।
इस प्रकार, आठ दिनों के ठप रहने के बाद लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। चर्चा दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगी।
राज्यसभा में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
सोमवार को राज्यसभा में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया गया। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक चार बार स्थगित होने के बाद मंगलवार तक के लिए खत्म कर दी गई।
उच्च सदन में विधायी कार्य नहीं हो सका। विपक्षी दलों के सांसदों ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग के खिलाफ भी आवाज उठाई। इस दौरान, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई सांसदों ने संसद भवन परिसर में नारेबाजी की।