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नितिन गडकरी ने डीपफेक कंटेंट के खिलाफ हाई कोर्ट में केस किया
27 Jul 2026
नितिन गडकरी डीपफेक कंटेंट: गडकरी का न्यायालय में कदम
नितिन गडकरी डीपफेक कंटेंट: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे डीपफेक कंटेंट के मामले में मुकदमा दायर करने का मन बनाया है। इस संदर्भ में मेटा, एक्स और गूगल जैसी प्रमुख कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति उन्हें मिल गई है। यह घटनाक्रम तब हो रहा है जब सोशल मीडिया पर ई20 पेट्रोल का मुद्दा गरमाने लगा है, और विपक्ष ने संसद में भी इसे उठाने की योजना बनाई है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, गडकरी को मानहानिकारक पोस्ट और डीपफेक सामग्री के खिलाफ न्यायालय में मामला दायर करने की अनुमति मिली है। गौरतलब है कि इस सामग्री में उन्हें और उनके परिवार को एथनॉल से होने वाले लाभों को लेकर निशाना बनाया गया है।
गडकरी का स्पष्टीकरण
गडकरी ने पहले भी इस विषय पर स्पष्टीकरण दिया था। 7 जुलाई को उन्होंने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि उनके परिवार के सदस्यों की कंपनियाँ एथनॉल उत्पादन में संलग्न नहीं हैं, और इसी वजह से वह अधिक एथनॉल वाले पेट्रोल का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके परिवार के पास चीनी मिलें हैं, लेकिन ये एथनॉल के उत्पादन पर निर्भर नहीं हैं।
सरकार की स्थिति
नितिन गडकरी डीपफेक कंटेंट: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि सरकार ने पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस संबंध में निर्णय वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योग के साथ परामर्श के बाद ही लिया जाएगा।
गोपी के अनुसार, भारत ने निर्धारित समय से पांच साल पहले 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य हासिल किया है। 2013-14 में एथनॉल का औसत मिश्रण लगभग 1.53 प्रतिशत था, जो 2025-26 में 20 प्रतिशत तक पहुंच गया।
सरकार का दावा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई20 पेट्रोल सुरक्षित है और इसके इस्तेमाल से इंजन के प्रदर्शन, दीर्घकालिकता या वाहन के जीवनकाल पर किसी नकारात्मक प्रभाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है।
नितिन गडकरी डीपफेक कंटेंट: गोपी ने उल्लेख किया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम को नीति आयोग, ऑटोमोबाइल निर्माताओं और अन्य तकनीकी संस्थानों के परामर्श से चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। वर्तमान में, भारत में प्रतिदिन लगभग आठ करोड़ वाहन पेट्रोल पंपों का उपयोग करते हैं, और ई15 से अधिक मिश्रित पेट्रोल का उपयोग साढ़े तीन वर्षों से हो रहा है।
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