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धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: श्रेय पर कांग्रेस-विपक्ष में बहस।
27 Jul 2026
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और जंतर मंतर का आंदोलन
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का अंत हो गया है। इस आंदोलन को कई विपक्षी नेताओं ने समर्थन किया, जबकि कांग्रेस ने इससे दूरी बनाकर रखी। कांग्रेस ने पेपर लीक के खिलाफ लगातार प्रदर्शन किए हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की थी।
अब यह सवाल उठता है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय किसे मिलेगा, इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद केसी वेणुगोपाल ने अपनी राय दी है।
कांग्रेस का रुख और श्रेय का विवाद
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में जब केसी वेणुगोपाल से पूछा गया कि प्रधान के इस्तीफे का श्रेय सीजेपी या विपक्ष को मिलेगा, तो उन्होंने कहा, 'हम कोई भी श्रेय नहीं लेना चाहते। इसे मैं लोगों की जीत मानता हूँ। यह सरकार के अहंकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों और युवाओं की जीत है।'
उन्होंने आगे कहा, 'राहुल गांधी इस मुद्दे को उठाने के लिए महीनों से प्रयासरत हैं और उन्होंने कई बार प्रदर्शन किए हैं। संसद में हमारे संघर्ष और बाहरी विरोध प्रदर्शन ने सरकार की चालों को बेनकाब किया है।'
कांग्रेस का सहयोग और आंदोलन का असली रूप
वेणुगोपाल ने कहा, 'कुछ लोग पूछ सकते हैं कि कांग्रेस जंतर मंतर क्यों नहीं गई। यदि हम वहां जाते, तो मुद्दे का राजनीतिकरण हो जाता। लेकिन हमने हर संभव तरीके से छात्रों का सहयोग किया। हमारे कार्यकर्ता वहां भोजन, पानी, दवा और कानूनी सहायता प्रदान कर रहे थे।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने आंदोलन को अपने राजनीतिक लाभ के लिए नहीं इस्तेमाल किया, बल्कि यह एक वास्तविक संघर्ष बना रहा।
परीक्षा सुधारों पर कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने 2024 में डॉ के राधाकृष्णन समिति का गठन किया था, लेकिन उसकी 101 सिफारिशों को लागू नहीं किया गया। वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने जुलाई 2026 में गड़बड़ियों के बाद सुधारों की दिशा में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने दो वर्षों तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए पूर्णकालिक महानिदेशक तक नियुक्त नहीं किया। यह नई पहल असल में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय प्रधानमंत्री की छवि को सुधारने का प्रयास प्रतीत होती है।
नए टास्क फोर्स की घोषणा
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में एक नई टास्क फोर्स की घोषणा की है, जिसका नेतृत्व इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे। इस फोर्स में ISRO के पूर्व निदेशक एस. सोमनाथ, IB के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
इस टास्क फोर्स का गठन परीक्षा सुधारों की दिशा में उठाया गया एक कदम माना जा रहा है, लेकिन कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि यह प्रयास असली सुधारों से अधिक दिखावे वाला है।
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