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धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: इस्तीफा नहीं देने का लिया फैसला।
24 Jul 2026
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: धर्मेंद्र प्रधान का निर्णय
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा न देने का फैसला किया है। इस निर्णय के पीछे एक विशेष कारण है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों का मानना है कि इस्तीफा देकर अपनी जिम्मेदारी से भागना सबसे आसान विकल्प है, इसलिए प्रधान ने इस्तीफा देने से मना कर दिया है। इंडिया टुडे के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधान के इस्तीफे का कोई सवाल नहीं उठता है। वे जनता के द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने का संकल्प व्यक्त कर चुके हैं।
विपक्ष, विशेषकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), नीट पेपर लीक प्रकरण के चलते प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
छात्रों का आंदोलन
जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी है। इस आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कर रही है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र भाग ले रहे हैं। सीजेपी ने शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। छात्रों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
सीजेपी ने सरकार के दो मंत्रियों के साथ बैठक में तीन मुख्य मांगें उठाईं, जिनमें से दो पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
सीजेपी की बैठक
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: सीजेपी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने तीन मांगें प्रस्तुत कीं। उनकी पहली मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, जिसके लिए उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे कम पर कोई समझौता नहीं होगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह इस पर कल कोई प्रतिक्रिया देगी।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने मृतक छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और छात्रों के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई न करने की भी मांग की। सीजेपी का कहना है कि प्रधान के इस्तीफे को छोड़कर, सरकार ने अन्य दो मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है।
सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर थे, ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। देर रात को जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह वांगचुक से मिलने पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म किया। सीजेपी ने इस निर्णय को राहत के रूप में देखा है, हालांकि जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते।
कड़े कानून की तैयारी
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा:इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों वाला विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में विधेयक के मसौदे पर चर्चा की जाएगी।
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामलों में त्वरित अदालतों की व्यवस्था सहित कई कदम उठाए गए हैं और जिम्मेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी ने फिर से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
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