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धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: सरकार-CJP वार्ता विफल, फैसला टला।
24 Jul 2026
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: CJP और सरकार के बीच वार्ता का दूसरा दौर
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: नीट पेपर लीक के मामले में पिछले तीन हफ्तों से प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच आज हुई बातचीत का दूसरा दौर निष्कर्षहीन रहा। CJP ने दावा किया है कि सरकार ने उनकी तीन मांगों में से दो को स्वीकार कर लिया है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। बताया गया है कि इस मुद्दे पर सरकार ने कल तक का समय मांगा है।
अगली बैठक कल दोपहर 12 बजे के आस-पास आयोजित की जाएगी, जिसमें फिर से बातचीत की जाएगी। इससे पहले कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में CJP और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच लगभग 50 मिनट तक चर्चा हुई थी। CJP की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने वार्ता की जबकि सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया।
मांगों पर सकारात्मक रुख लेकिन इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: बैठक के बाद, CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि मंत्रियों के साथ लगभग 10 मिनट की बातचीत में सरकार ने उनकी दो मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार, सरकार मृतक छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सहमत दिख रही है। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को लेकर भी सरकार का रुख सकारात्मक है।
हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर बात किसी भी प्रकार की समझौता नहीं हुआ है। सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि सीJP ने केंद्र सरकार को यह बताया है कि इस मांग पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।
CJP की अन्य मांगें और भूख हड़ताल
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, “सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें आशा है कि सरकार जल्द ही उन्हें हटा देगी।” उन्होंने यह भी बताया कि मुआवजे और छात्रों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने की मांग पर सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
इससे पूर्व, 20 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के निवास पर सौरभ दास और आशुतोष रंका की दो बैठकें हुई थीं। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 26 दिन से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। CJP ने पहले ही किसी मंत्री के आवास में बातचीत करने का निमंत्रण ठुकरा दिया था और वार्ता के लिए आपसी सहमति से तय स्थान की मांग की थी।
CJP का प्रदर्शन जारी
CJP ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता। इसके साथ ही, संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
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