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रूल 267 पर विपक्ष अडिग, संसद में सरकार की अनसुनी जारी
24 Jul 2026
रूल 267 पर विपक्ष अडिग: संसद का कार्य ठप, हंगामे की वजह
रूल 267 पर विपक्ष अडिग: नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही लगातार ठप है। मॉनसून सत्र के पांचवे दिन भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। अंततः, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को अगले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार को नोटिस भेजा है, जिसे सरकार ने स्वीकार किया है, लेकिन इसके बावजूद गतिरोध बना हुआ है।
मॉनसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी। इससे पहले, दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैकड़ों छात्र नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, ने इस मुद्दे पर छात्रों की मांगों को लेकर हंगामा किया है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है।
रूल 267: चर्चा का एक विशेष प्रावधान
विपक्ष ने इस मामले में चर्चा के लिए 'रूल 267' के तहत प्रस्ताव रखा है। यह प्रावधान राज्यसभा की रूल बुक में एक विशेष प्रावधान है, जिसके तहत कोई भी सदस्य सभापति की अनुमति से कार्यसूची में लिस्टेड सभी विधायी कार्यों को स्थगित करने का प्रस्ताव रख सकता है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण या आपातकालीन मुद्दों पर संसद का ध्यान केंद्रित करना है।
रूल 267 पर विपक्ष अडिग: विपक्ष का कहना है कि 20 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर प्राथमिकता से चर्चा होनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने निष्पक्ष चर्चा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की है।
विपक्ष की रणनीति और सरकार की स्थिति
विपक्ष का तर्क है कि सामान्य नियमों के तहत चर्चा करने से मुद्दे की गंभीरता कम हो जाती है। रूल 267 के तहत चर्चा होने से यह संकेत मिलता है कि संसद NEET पेपर लीक को उच्च प्राथमिकता दे रही है। साधारण नियमों के तहत चर्चा का समय सीमित होता है, जबकि रूल 267 के तहत बिना किसी समय की बंदिश के लंबे समय तक बहस की जा सकती है।
रूल 267 पर विपक्ष अडिग: हालांकि, सरकार और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। सभापति ने कहा है कि रूल 267 असाधारण परिस्थितियों के लिए बनाया गया है और रोज़-रोज़ इसके तहत नोटिस देने से इसकी अहमियत कम हो जाती है। सरकार का कहना है कि वह NEET मुद्दे पर चर्चा से भाग नहीं रही है, लेकिन यह बहस सामान्य नियमों के तहत ही होनी चाहिए, ताकि संसद का सामान्य कार्य प्रभावित न हो।
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