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संजय राउत ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर उठाए सवाल

 24 Jul 2026

सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त

सोनम वांगचुक का अनशन: नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ 26 दिनों तक अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने गुरुवार को सरकार के साथ बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के हाथ से जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा। इस कदम पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही।


संजय राउत ने वांगचुक के योगदान की सराहना की, लेकिन उनके अनशन समाप्त करने के तरीके पर असहमति जताई। उन्होंने कहा, '26 दिन का अनशन करना आसान नहीं है। वांगचुक का स्वास्थ्य और जीवन देश के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन, जिस सरकार के प्रतिनिधियों के हाथों उन्होंने अनशन तोड़ा, वह गंभीर चिंता का विषय है।'


सरकार की कार्रवाई पर सवाल

सोनम वांगचुक का अनशन: राउत ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह वही सरकार है जिसने वांगचुक के समर्थन में जुटे युवाओं और बच्चों के आंदोलन को बर्बरता से कुचला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाईं, पैलेट गन का इस्तेमाल किया और कई लोगों को गंभीर चोटें आईं।


उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा था। राउत ने वांगचुक से सीधे पूछा, 'क्या वह अब इन मंत्रियों के हाथों अनशन तोड़ने के बाद इन मांगों को कर पाएंगे?'


सोनम वांगचुक का अनशन: पुलिस की कार्रवाई की आलोचना

राउत ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर वांगचुक के समर्थन में आए बच्चों और युवाओं के आंदोलन को बर्बरता से कुचला गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठियां और छर्रे वाली बंदूकें चलाई गईं, जिससे कई लोग घायल हुए।


सोनम वांगचुक का अनशन: राउत ने कहा कि यदि वांगचुक को अनशन तोड़ना था, तो इसे उनके हजारों समर्थकों के सामने उसी स्थान पर करना चाहिए था, जहां से उन्हें उठाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि लाखों लोगों का आंदोलन बन चुका है।


आंदोलन की पृष्ठभूमि

देशभर में 'नीट' परीक्षा के पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर 'कॉकक्रोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्रों द्वारा संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश करने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कई युवा घायल हुए।


वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता।


प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के जरिए पेपर लीक मामलों के निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और सख्त कानून लाने की बात कही है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यह केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है और वे जवाबदेही से कम पर समझौता नहीं करेंगे।


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