Article
सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर हमला, छात्रों का किया समर्थन
24 Jul 2026
मोदी सरकार पर हमला: सोनिया गांधी का नारा
मोदी सरकार पर हमला: कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने शुक्रवार को जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के संदर्भ में मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था के पतन और पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सरकार दुश्मनों की तरह व्यवहार कर रही है।
सोनिया गांधी ने द हिंदू के लिए एक लेख में यह विचार साझा करते हुए कहा कि छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं—भारत सरकार की जवाबदेही तय करना और शिक्षा में सुधार लाना। उन्होंने आरोप लगाया, 'मोदी सरकार ने छात्रों की बहादुरी को कायरता और क्रूरता से जवाब दिया है, उन्हें देश का दुश्मन मानते हुए उनके साथ व्यवहार किया गया है।'
20 जुलाई की घटनाओं का जिक्र
सोनिया गांधी ने 20 जुलाई को हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन शर्मनाक था, जब दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने प्रदर्शनकारियों पर बिना किसी उकसावे के हिंसा का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा, 'इसने हमारी सामूहिक अंतरात्मा को झकझोर दिया है।'
सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने बातचीत के स्थान पर हिंसा का रास्ता अपनाया है, जो किसानों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, असहमति को दबाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
सरकार के दमनकारी रवैये की आलोचना
मोदी सरकार पर हमला: सोनिया गांधी ने आगे कहा, 'सरकार ने हमारे भविष्य के डॉक्टरों, इंजीनियरों और शिक्षकों के खिलाफ दमनकारी शक्ति का इस्तेमाल किया। इसे न तो माफ किया जा सकता है और न ही भुलाया जा सकता है।'
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को बदनाम करने के लिए सरकार ने पुराने टूलकिट का सहारा लिया है, जिसमें हर असहमति को राष्ट्र-विरोधी बताने की परंपरा शामिल है। उन्होंने लिखा, 'सरकार को अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए, जो इन प्रदर्शनों का कारण बनी हैं।'
मोदी सरकार पर हमला: शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे
सोनिया गांधी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बताया कि स्कूल और उच्च शिक्षा में बजट का अनुपात क्रमशः 50 प्रतिशत और 33 प्रतिशत घटा है। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या कोई इस तरह के बेतुके तरीके से पीछे हटने में कोई तुक देख सकता है?'
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 12 वर्षों में लगभग एक लाख सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि 43,000 निजी स्कूल खोले गए हैं। इनमें से अधिकांश स्कूल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े संगठनों के हैं।
पेपर लीक के बारे में जानकारी
सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के पूर्व दावों को दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 152 प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा में अयोग्य कुलपतियों और राजनीतिक रूप से जुड़े शिक्षकों की नियुक्ति से उत्पन्न संकट का भी उल्लेख किया।
सोनिया गांधी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और सस्ती सार्वजनिक शिक्षा की कमी के कारण भारतीय परिवारों को अपने बच्चों की शिक्षा पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है, जो साधारण पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बाधा बन रहा है।
कांग्रेस का इस्तीफा मांगना
सोनिया गांधी ने कहा कि छात्र आंदोलन वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और मोदी सरकार के अहंकार के फलस्वरूप शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत के छात्रों ने मोदी सरकार के झांसे को चुनौती दी है।
कांग्रेस पार्टी ने छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होने की बात कही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए कहा है कि संसद में चर्चा इसी शर्त पर होगी।
Read This Also:- बेंगलुरु में वकीलों का चीफ जस्टिस के खिलाफ प्रदर्शन, प्रशासनिक समस्याओं का उठाया मुद्दा