Article

उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा के दावों का किया खंडन, साझा की सही जानकारी

 23 Jul 2026

पेपर लीक पर बवाल

NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर देशभर में हंगामा मचा हुआ है। दिल्ली के जंतर मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, जो केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के कुछ बयानों का खंडन किया है।


उमर अब्दुल्ला ने नड्डा के उस बयान को पूरी तरह गलत ठहराया है, जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर में हुई एक परीक्षा के पेपर लीक का जिम्मा कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार पर डाला था।


उमर अब्दुल्ला का जवाब

उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा को सही तारीख याद दिलाते हुए कहा कि जब यह पेपर लीक हुआ, तब राज्य में कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी की सरकार नहीं थी, बल्कि केंद्र का शासन था। उन्होंने कहा, "जम्मू कश्मीर में SSB पेपर लीक के बारे में आप बिल्कुल सही हैं नड्डा जी, लेकिन आपकी तारीख गलत है। यह मामला 2022 का है। उस समय NC और कांग्रेस की सरकार नहीं थी, बल्कि उपराज्यपाल की अगुवाई वाली सरकार थी।"


इस ट्वीट के साथ उन्होंने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी भी साझा की, जिसमें प्रशासन को निर्देश दिया गया था कि सर्विस सिलेक्शन बोर्ड के कार्यों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए।


भर्ती परीक्षाओं का रद्द होना

उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे पर आगे सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि उस उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट का क्या हुआ। उन्होंने नड्डा से अनुरोध किया कि वे अपनी अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की जानकारी साझा करें।


गौरतलब है कि 2022 में प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जम्मू कश्मीर प्रशासन को कई भर्ती परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं, जिनमें उपनिरीक्षक और जूनियर इंजीनियर के पदों की परीक्षा भी शामिल थी। प्रशासन ने मुंबई स्थित 'एपटेक लिमिटेड' को परीक्षा आयोजित कराने का कार्य सौंपने के कारण कड़ी आलोचना का सामना किया।


पीएम मोदी का आश्वासन

इससे पूर्व, छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।"


पीएम मोदी ने यह भी कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार कई कड़े कदम उठाने जा रही है और किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता है।

Read This Also:-  शुभेंदु की चुनौती: अभिषेक बनर्जी को चुनावी मुकाबले का न्योता।