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धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा मांग पर राज्यसभा में खरगे का आक्रोश।
22 Jul 2026
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा मांग: राज्यसभा में हंगामा और स्थगन
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा मांग: 22 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन था, जिसमें दोनों सदनों में हंगामे का दौर जारी रहा। उच्च सदन राज्यसभा की कार्यवाही को हंगामे के चलते कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान नेता विपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लेती, तब तक सदन में कोई चर्चा नहीं होगी।
खरगे ने सदन के भीतर जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “NEET पर निष्पक्ष चर्चा के लिए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक कोई बहस नहीं होगी।”
विपक्ष के आरोपों का सरकार का स्पष्टीकरण
सदन में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार चर्चा से भाग नहीं रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार NEET-UG अनियमितताओं पर उठाए गए सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। नड्डा ने कहा, "INDI गठबंधन का व्यवहार बहुत गैर-जिम्मेदाराना है। संसदीय मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन हो रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। हमारी सरकार NEET पेपर लीक और उससे जुड़े मामलों पर भी चर्चा करने के लिए तैयार है।"
विपक्ष का उग्र प्रदर्शन
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा मांग: इस बीच, सदन में हंगामे के दौरान कार्यवाही को पहले दोपहर 3 बजे तक और फिर अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी सहित कई नेता शामिल थे।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्रों की मांगों को जायज़ बताते हुए कहा, "शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन आप अडानी और अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज़ माफ़ कर रहे हैं। छात्र एक जायज़ संघर्ष कर रहे हैं।"
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा मांग: खरगे का संघर्ष जारी रखने का संकल्प
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "यह लोकतांत्रिक सरकार नहीं है। वे तानाशाही की तरह काम कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हम डरने वाले नहीं हैं, हम लड़ते रहेंगे।" खरगे ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कांग्रेस नेताओं पर दबाव डालने की कोशिश की, तो लाखों लोग उनके खिलाफ खड़े हो जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन अपने संघर्ष को जारी रखेंगे और सरकार की अलोकतांत्रिक गतिविधियों का विरोध करते रहेंगे।
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