Article
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, सरकार से बातचीत आज
22 Jul 2026
CJP का प्रदर्शन और सरकार से वार्ता
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा NEET पेपर लीक के मामले में उत्तरदायी ठहराने और शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन बुधवार को भी जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, आज CJP और सरकार के बीच दूसरी दौर की बातचीत का आयोजन हो सकता है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि चाहे सरकार प्रदर्शनकारियों पर UAPA या NSA जैसे कानून लागू करे, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस बीच, संसद में मॉनसून सत्र के तीसरे दिन भी हंगामे की स्थिति बनी हुई है। आशुतोष रांका ने इस आंदोलन को आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंदोलन बताते हुए कहा, 'हमने स्पष्ट किया है कि 20 तारीख को जो घटना हुई, वह केवल एक ट्रेलर था। अगर सरकार हमारी मांगों पर सहमत नहीं होती है, तो लाखों लोग दिल्ली आएंगे क्योंकि इस बार हम शांत नहीं बैठेंगे।'
प्रदर्शनकारियों की स्थिति और चेतावनियाँ
रांका ने प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि युवा पिछले 31 दिनों से महात्मा गांधी और अंबेडकर के सिद्धांतों के आधार पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने 20 जुलाई के मार्च को भी शांतिपूर्ण बताया, यह आरोप लगाते हुए कि अराजकता तब उत्पन्न हुई जब पुलिस ने छात्रों पर कार्रवाई की। CJP प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक सरकार यह आश्वासन नहीं देती कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई वर्तमान या भविष्य की FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनियों पर रांका ने कहा, 'जहां तक हमारी टीम का सवाल है, हमें किसी FIR का डर नहीं है। हम पहले दिन से UAPA या NSA में गिरफ्तार होने के लिए तैयार हैं। इस देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए जेल जाना एक बहुत छोटी कीमत है।'
संसद में कार्यवाही और घटनाक्रम
दोपहर 12:07 बजे, लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू ने स्पष्ट किया कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है। इससे पहले कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने लोकसभा में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पटना में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें थानाध्यक्ष घायल हो गए। वहीं, जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। DMRC के अनुसार, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, और अन्य प्रमुख स्टेशनों को बंद किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और प्रदर्शन की शक्ति
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमारा समय बर्बाद न करें, और अपना समय भी बर्बाद न करें।'
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।
Read This Also:- सरकार और CJP के बीच फिर होगी वार्ता, वांगचुक की भूमिका अहम