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NEET-UG 2026 पेपर लीक पर तमिलनाडु CM की चुप्पी पर उठे सवाल
22 Jul 2026
NEET-UG पेपर लीक पर प्रदर्शन तेज
देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा धरना दिया जा रहा है। इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) और उनकी नव-निर्वाचित तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों के हित की बात करने वाले विजय की खामोशी ने लोगों को हैरान कर दिया है।
फिल्म प्रमोशन की आलोचना
मुख्यमंत्री विजय की चुप्पी पर आलोचना उस समय और तेज हो गई जब उन्होंने अपनी आगामी फिल्म 'जन नायगन' का प्रमोशनल वीडियो साझा किया, लेकिन छात्र आंदोलन पर एक शब्द भी नहीं बोला। यह स्थिति उनके प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाती है।
सोमवार को जैसे ही यह वीडियो जारी हुआ, लोगों ने इस पर सवाल उठाना शुरू कर दिया कि जब छात्रों का आंदोलन जारी है, तो विजय किस कारणवश चुप हैं।
अरिवु की गिरफ्तारी और DMK की प्रतिक्रिया
मंगलवार को चेन्नई में, NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे तमिल रैपर अरिवु को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान अरिवु ने पूछा, 'जब पूरा भारत जल रहा है, तो मुख्यमंत्री विजय अब चुप क्यों हैं?' बाद में उन्हें मुख्यमंत्री विजय और TVK के मंत्री आधव अर्जुन से मिलाने के लिए ले जाया गया।
इस बीच, DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने अरिवु की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि NEET के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने इसे तमिलनाडु के युवाओं के लिए एक 'परेशान करने वाला संदेश' बताया।
NEET के खिलाफ लंबे समय से चल रहा विरोध
तमिलनाडु में पिछले नौ वर्षों से NEET परीक्षा का विरोध किया जा रहा है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2024 के बीच NEET से जुड़ी 26 आत्महत्याएं हुई हैं। राज्य का तर्क है कि यह केंद्रीकृत परीक्षा ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए हानिकारक है।
2017 में 17 वर्षीय दलित छात्रा एस. अनिता की आत्महत्या के बाद यह विरोध और भी तेज हो गया। अनिता ने 12वीं में 1200 में से 1176 अंक प्राप्त किए थे, लेकिन NEET पास न कर पाने के कारण उसने आत्महत्या कर ली थी। उसकी मृत्यु ने NEET के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बना दिया।
TVK की चुप्पी के राजनीतिक कारण
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, TVK की मौनता केंद्र सरकार के साथ टकराव से बचने की रणनीति हो सकती है। विजय स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चुनाव से पहले TVK ने बीजेपी को अपना वैचारिक दुश्मन घोषित किया था, परंतु विजय ने कभी भी केंद्र की नीतियों पर सीधे तौर पर आलोचना नहीं की है।
तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की है। जबकि सरकार के चुप रहने के कई कारण हो सकते हैं, यह सत्य है कि राज्य ने कभी NEET को स्वीकृति नहीं दी है।
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