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संसद के पास CJP के प्रदर्शन में बढ़ी भीड़, शिक्षा मंत्री ने अमित शाह से की मुलाकात
20 Jul 2026
CJP का प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए संसद भवन के निकट पहुंचे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले फेंकने का सहारा लिया है। प्रदर्शन के दौरान, CJP के कार्यकर्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह उनके साथ संवाद कर रही है, जिसके बाद CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अभी भी अनशन पर डटे हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या के बावजूद पुलिस की बैरिकेडिंग के प्रयास नाकाम रहे। जब प्रदर्शनकारी संसद भवन के पास पहुंचे, तब पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ना शुरू कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, कई प्रदर्शनकारी रेल भवन परिसर में भी पहुंच गए। इससे पहले, एहतियातन कई मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे।
छात्रों का धरना और पुलिस की कार्रवाई
संसद भवन के सामने बैठकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ छात्रों ने बैरिकेड को पार करने का प्रयास किया, लेकिन कड़ी पुलिस सुरक्षा के कारण वे सफल नहीं हो सके और उन्हें अपने साथियों के धरने में शामिल होना पड़ा। पुलिस ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी स्थिति पर अड़े रहे। इसके बाद, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी। अंततः, पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे प्रदर्शनकारी छात्रों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाद में, पूरी सड़क को खाली करवा लिया गया।
सपा सांसदों की हिरासत
रिपोर्ट्स के अनुसार, समाजवादी पार्टी के कई सांसदों को संसद भवन के भीतर ही हिरासत में लिया गया है, जिनमें डिंपल यादव भी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए बयान जारी किया है। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में सपा के सांसदों ने संसद भवन परिसर में मार्च निकाला था।
यह ध्यान देने योग्य है कि CJP ने 20 जून को जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ धरना शुरू किया था। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून को इसी मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती करवा दिया, जिसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई और हजारों लोग पूर्व निर्धारित मार्च में शामिल हुए।
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