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CJP के प्रतिनिधियों की जेपी नड्डा से मुलाकात, छात्र आंदोलन में नया मोड़

 20 Jul 2026

छात्र आंदोलन में नई संभावनाएँ

नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विवाद के चलते चल रहे छात्र आंदोलनों ने अब एक महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है। हजारों युवा 'चलो संसद' मार्च के लिए दिल्ली की सड़कों पर उतर आए हैं, जबकि दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच बातचीत के दरवाजे खुलते नजर आ रहे हैं।


वर्तमान में 28 जून से जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के 21वें दिन, केंद्र सरकार ने पहली बार CJP के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। सौरव दास और आशुतोष रांका ने ट्वीट करके पुष्टि की है कि वे केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करने जा रहे हैं।


CJP की मांगें और सरकार का रुख

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया, "आशुतोष रांका और मैं, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जेपी नड्डा जी से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने आज सुबह बातचीत के लिए हमसे संपर्क किया था। हमारी मांगें स्पष्ट हैं। जंतर-मंतर पर युवा बड़ी संख्या में एकत्र हैं, और हम इस लड़ाई को जीतेंगे!"


इससे पूर्व, दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने मध्यस्थता का प्रयास किया था, लेकिन CJP ने पहले जिला मजिस्ट्रेट, सचिव स्तर के अधिकारियों और राज्य मंत्री से बातचीत का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। CJP की मांग थी कि बातचीत सीधे प्रधानमंत्री या किसी कैबिनेट मंत्री के स्तर पर हो, जिसके बाद जेपी नड्डा से मुलाकात तय हुई।


दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति

जबकि बातचीत की संभावनाएँ बन रही हैं, वहीं दिल्ली की सड़कों पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, हजारों छात्रों और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे छात्रों को पुलिस ने रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान, सुरक्षा बलों ने पूरे जंतर-मंतर और पार्लियामेंट स्ट्रीट को छावनी में बदल दिया है। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए कार्रवाई की गई, जिसमें कुछ छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए।


सोनम वांगचुक का संदेश

इस बीच, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल के बिस्तर से महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई नाकामी की जिम्मेदारी लेती है, या सांसद यह आश्वासन देते हैं कि मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाया जाएगा, तो वे अपना अनशन समाप्त कर देंगे। जंतर-मंतर पर मौजूद वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने भी छात्रों से अपील की है कि वे इस मार्च को शांतिपूर्ण रखें ताकि कोई भी शरारती तत्व इसका गलत लाभ न उठा सके।


राजनीतिक समर्थन और आगामी बैठक की प्रतीक्षा

आंदोलन स्थल पर राजनीतिक और सामाजिक समर्थन जुटने लगा है। आज सुबह आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और प्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया। अब सभी की नजरें जेपी नड्डा और CJP प्रतिनिधियों के बीच होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई हैं।

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