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ममता बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका, 440 करोड़ रुपये के बैंक खाते फ्रीज रहने का आदेश

 20 Jul 2026

कलकत्ता हाई कोर्ट का फैसला

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से एक गंभीर झटका लगा है। सोमवार को उच्च न्यायालय ने उन्हें अपने फ्रीज किए गए बैंक खातों का उपयोग करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। यह निर्णय तब आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत इन खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया था।


यह घटनाक्रम तब हो रहा है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर आंतरिक विभाजन बढ़ रहा है और पार्टी के नाम और निशान को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


मामले की पृष्ठभूमि

कलकत्ता उच्च न्यायालय में जस्टिस कृष्ण राव ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए फ्रीज को हटाने से मना कर दिया। यह मामला अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच केयरवैल एविएशन इंडिया और उससे संबंधित कंपनियों के बीच लेनदेन से संबंधित है। आरोप है कि ये लेनदेन एक विमान और हेलिकॉप्टर की खरीद से जुड़े हुए हैं।


ईडी के अनुसार, यह जांच बिधाननगर के साइबर पुलिस थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें वित्तीय धोखाधड़ी और संदिग्ध फंडिंग के आरोप लगाए गए थे।


लेनदेन की विस्तृत जानकारी

जांच में खुलासा हुआ है कि तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से 160 करोड़ रुपये की राशि केयरवैल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड और इससे जुड़ी कंपनियों को भेजी गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि इस राशि का उपयोग एक एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए किया गया।


ईडी के अनुसार, हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए धन जुटाने की प्रक्रिया में केमैन द्वीप स्थित एक इकाई से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का असुरक्षित ऋण लिया गया था। इसके बाद विमान और हेलीकॉप्टर को तृणमूल कांग्रेस को पट्टे पर दिया गया था, जबकि इनकी खरीद के लिए पार्टी के फंड का उपयोग किया गया था।


जांच की प्रगति

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि जांच का उद्देश्य इन लेनदेन के वास्तविक लाभकारी उद्देश्यों का पता लगाना है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जांच अभी भी जारी है और आगे की कार्रवाई के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं।


बंगाल की राजनीतिक स्थिति में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक चुनौतियों और ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति पर भी असर डाल सकता है।