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Sonam Wangchuk ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हटने के संकेत दिए
20 Jul 2026
Sonam Wangchuk की भूख हड़ताल के नए संकेत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के तहत भूख हड़ताल करने वाले Sonam Wangchuk ने हाल ही में अपनी शर्तों में शिक्षा मंत्री का नाम नहीं लिया है। अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने 19 जुलाई को एक पत्र जारी कर कहा कि यदि सरकार उनकी कुछ शर्तों को स्वीकार कर ले, तो वे अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। पत्र में उन्होंने तीन शर्तें प्रस्तुत की हैं, लेकिन इनमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का उल्लेख नहीं है। इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।
वांगचुक, जो पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर थे, ने सोमवार को संकेत दिया कि यदि सरकार शिक्षा प्रणाली में विफलता और पेपर लीक की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, तो वे तुरंत अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
वांगचुक की तीन शर्तें
Sonam Wangchuk ने अनशन समाप्त करने के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं। पहली, सरकार हाल की पेपर लीक घटनाओं और शिक्षा प्रणाली की विफलताओं की जिम्मेदारी ले। दूसरी, वांगचुक और CJP के नेता संसद में मौजूद सांसदों से आश्वासन प्राप्त करें कि वे आगामी मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। तीसरी, बड़ी राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेता अस्पताल में आकर उनसे मुलाकात करें और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दें। हालांकि, इन शर्तों में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख न होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले CJP की मुख्य मांग यही थी।
CJP का रुख और मांगें
CJP ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उनकी मुख्य मांगें अभी भी वही हैं और उन्होंने सरकार से 20 से अधिक छात्रों की आत्महत्या के मामलों में धर्मेंद्र प्रधान से जवाबदेही की मांग की है। इसके अलावा, पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी की गई है। CJP ने यह स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे संसद तक मार्च का कार्यक्रम भी बनाए रखेंगे। साथ ही, वांगचुक की अस्पताल से रिहाई की भी मांग उठाई गई है।
वांगचुक का अस्पताल में स्थानांतरण
59 वर्षीय सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से जबरन हटाकर अस्पताल ले जाया गया था। उनके समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उनकी इच्छा के खिलाफ उन्हें हिरासत में रखा गया है। वांगचुक ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान CJP का समर्थन किया था और 20 जुलाई को संसद का मॉनसून सत्र शुरू होते ही मार्च की घोषणा की थी। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि विशेषज्ञों की सलाह और उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल लाया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन का आह्वान
वांगचुक ने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को 'दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन' करार दिया है, इसे डर और अन्याय से मुक्ति का अभियान बताया। उन्होंने अपने समर्थकों से इस मार्च को सफल बनाने की अपील की है। इसी बीच, CJP ने मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई की संभावना जताई है और कहा है कि प्रदर्शनकारियों को उकसावे पर प्रतिक्रिया नहीं देने की सलाह दी गई है, ताकि मार्च शांतिपूर्ण बना रहे।
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