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CJP का संसद मार्च, सरकार से पहली बार बातचीत का दावा
20 Jul 2026
CJP का संसद मार्च
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद की ओर मार्च करने की तैयारी की है। पार्टी ने सोमवार को यह भी दावा किया कि सरकार ने पहली बार उनसे बातचीत करने का प्रयास किया है। इसके बावजूद, केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सीजेपी पेपर लीक जैसे मुद्दों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।
हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, CJP के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि केंद्र सरकार ने बातचीत की कोशिश की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि किस मंत्री या अधिकारी ने यह पहल की है। सरकार ने इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, ने कहा है कि यदि सांसद मॉनसून सत्र में पेपर लीक के मुद्दे को उठाते हैं तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति के कारण वह मार्च में शामिल नहीं हो पाते, तो सांसदों और राजनीतिक दलों के नेताओं को अस्पताल आकर उन्हें आश्वासन देना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'मैंने पहले ही अपने समर्थकों को बताया था कि यदि ये शर्तें पूरी होती हैं, तो मैं 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर दूंगा।' वांगचुक ने यह भी लिखा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में पेपर लीक के मुद्दे की जिम्मेदारी लेती है, तो वह और CJP नेतृत्व संसद के बाहर जाकर आश्वासन प्राप्त करेंगे।
CJP का विरोध और दिल्ली पुलिस की तैयारी
CJP के अनशन और मार्च की तैयारी के बीच, पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, 'यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 वर्षों से देश में लोकतंत्र को समाप्त करने की कोशिशें की जा रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर लोगों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोग लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने CJP के विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जंतर-मंतर, संसद और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा की ओर से जारी एक सलाह में कहा गया है कि इस प्रकार के किसी भी विरोध मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है।
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