Article
20 जुलाई को CJP का संसद मार्च: विवाद की जड़ों की पड़ताल
20 Jul 2026
CJP का संसद मार्च
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च करने की योजना बनाई है, जो NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर है। पहले इस मार्च की अगुवाई पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk करने वाले थे, लेकिन शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कर दिया। इस स्थिति के बाद, सीजेपी के नेता अभिजीत दीपके अब अनशन पर बैठ गए हैं।
अब यह मार्च अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो के नेतृत्व में होने की तैयारी है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई है, और बिना अनुमति प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली में धारा 163 लागू
सीजेपी के मार्च की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसे पहले सीआरपीसी की धारा 144 के नाम से जाना जाता था।
मार्च की तारीख का चुनाव इस कारण से किया गया है क्योंकि संसद का मॉनसून सत्र उसी दिन शुरू हो रहा है। अभिजीत दीपके ने बड़ी संख्या में लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है।
CJP की गाइडलाइन
CJP ने इस मार्च के लिए अपनी गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कहा गया है कि केवल तिरंगा झंडा लाने की अनुमति होगी। इसके अलावा किसी भी महापुरुष की तस्वीर, जैसे महात्मा गांधी या बाबा साहेब की तस्वीर लेकर आना मना है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 'इंकलाब जिंदाबाद', 'जय भीम', और 'भारत माता की जय' जैसे नारे लगाने की अनुमति है।
प्रदर्शनकारियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने के लिए तैयार रहें और घर से खाना लेकर आएं। खास हिदायत दी गई है कि भारत के तिरंगे का सम्मान किया जाना चाहिए और उसे जमीन पर नहीं रखा जाना चाहिए।
सोनम वांगचुक का अनशन
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं और उन्होंने 19 दिन जंतर-मंतर पर धरना दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया। जानकारी के अनुसार, वह अभी भी कोई भी तरल पदार्थ लेने को तैयार नहीं हैं, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति स्थिर है। सोनम वांगचुक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उन्हें वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उन्होंने इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की योजना बनाई है।
प्रदर्शन का कारण
अभिजीत दीपके ने उन हालातों के मद्देनजर CJP का गठन किया था जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कुछ टिप्पणियां की थीं। इसके बाद उन्होंने बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर एक मुहिम शुरू की थी। उनके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है और वे सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रहे हैं।
अभिजीत दीपके 6 जून 2026 को भारत लौटे और NEET UG पेपर लीक तथा 30 से अधिक छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। सोनम वांगचुक ने बताया कि लद्दाख के उपराज्यपाल ने अभिजीत दीपके से मुलाकात करवाई थी, जिससे उनके प्रदर्शन को और बल मिला।
Read This Also:- चंडीगढ़ का विकास मॉडल, पीएम मोदी ने की सराहना