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सोनम वांगचुक: विकास सिंह ने नेताओं की नैतिकता पर उठाए सवाल

 17 Jul 2026

सोनम वांगचुक के अनशन पर चर्चा

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. विकास सिंह ने गुरुवार को प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने वांगचुक से अनुरोध किया कि वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के संबंध में अपनी चिंताओं के चलते चल रहे अनशन को समाप्त करें। सिंह ने कहा कि भारत को टूटे हुए सिस्टम के लिए किसी की जान की आवश्यकता नहीं है।


उन्होंने वांगचुक को एक पत्र भी लिखा, जिसमें कहा गया है कि हमें आपकी आवश्यकता है ताकि आप जीवित रहें, कार्य करते रहें और हमें मार्गदर्शन प्रदान करें। डॉ. सिंह ने आग्रह किया, "कृपया अपनी ऊर्जा को दीर्घकालिक कार्य के लिए संचित रखें और अनशन समाप्त करें।"


नेताओं की नैतिकता पर टिप्पणी

सोनम वांगचुक: पत्र में डॉ. सिंह ने लिखा, "प्रिय सोनम जी, मैं आपको यह पत्र चिंता में लिख रहा हूं, लेकिन साथ ही हमारे वर्तमान समय की वास्तविकता को भी ध्यान में रखते हुए। मैं देखता हूं कि आप NEET की चिंताओं के लिए और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए अपने शरीर को जोखिम में डाल रहे हैं।"


उन्होंने आगे कहा, "आपकी ताकत कभी भी सत्ता में बैठे लोगों से भीख मांगने में नहीं है। आपने हमेशा कार्य के माध्यम से दुनिया को बदलने का प्रयास किया है। आपने उन छात्रों के लिए शिक्षा में क्रांति ला दी है जिन्हें पहले भुला दिया गया था।"


राजनीतिक जिम्मेदारी का अभाव

डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि आज के नेताओं की नैतिकता में कमी आई है, विशेषकर तब जब ईमानदार व्यक्तियों जैसे वांगचुक अपनी जान को जोखिम में डालने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, "राजनीति में बदलाव आया है, और हम संस्थागत विफलताओं को देख रहे हैं जो लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं।"


उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता में बैठे लोगों को इस गंभीर स्थिति के प्रति कोई जिम्मेदारी या शर्म नहीं है। आज के नेताओं की नैतिकता में गिरावट को इस तथ्य से भी समझा जा सकता है कि गंभीर आपराधिक मामलों में लिप्त लोग संसद में चुने जा रहे हैं।


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