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शशि थरूर ने सोनम वांगचुक से की अपील, अनशन समाप्त करें।

 15 Jul 2026

शशि थरूर का पत्र

जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को कांग्रेस सांसद शशि थरूर का समर्थन मिला है। थरूर ने बुधवार को वांगचुक के लिए एक ओपन लेटर लिखा, जिसमें उन्होंने अनशन खत्म करने की गुहार लगाई। पत्र में थरूर ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान भूख हड़ताल से नहीं निकलेगा, इसलिए अनशन को समाप्त करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे को संसद में उठाएंगे।


प्रदर्शन का गंभीर मोड़

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन अब गंभीर मोड़ पर पहुँच चुका है। पिछले 25 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्षी नेताओं ने भी वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की है।


थरूर का व्यक्तिगत अनुभव

थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छात्रों और युवाओं के लिए अपने पत्र में लिखा, 'मैं आज आपके सामने एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में बात कर रहा हूं जो आपकी पीढ़ी के साथ हो रहे अन्याय से दुखी है।' उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उनका परिवार एक मध्यम वर्गीय परिवार था और उन्होंने मेहनत से अपने बच्चों के सपनों को साकार किया।


युवाओं का गुस्सा

थरूर ने आगे कहा कि जब सिस्टम में खामियां आती हैं और पेपर लीक होते हैं, तो इससे केवल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का गुस्सा अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि उस पीड़ा का परिणाम है जो उन्होंने सहन की है।


अनशन से संबंधित थरूर का संदेश

सोनम वांगचुक से अपील करते हुए थरूर ने कहा, 'आपने देश की अंतरात्मा को जगा दिया है। संसद में छात्रों के मुद्दों को उठाने का यह एक सुनहरा अवसर है। कृपया मेरी प्रार्थना स्वीकार करें कि आप अनशन समाप्त करें।' थरूर ने सरकार से भी अपील की कि वे युवाओं के साथ बातचीत करें, क्योंकि यह एक कुशल राजनेता की पहचान है।


सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि सोनम वांगचुक की तबीयत गंभीर है। अनशन के दौरान उनका वजन 8.5 किलो कम हो चुका है और उनका शरीर कमजोर हो रहा है, बावजूद इसके उन्होंने अनशन तोड़ने से इनकार किया है। संगठन ने 20 जुलाई को संसद मार्च का भी ऐलान किया है।