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टीएमसी बागी सांसदों को ओम बिरला का आश्वासन, नई सीटें संभव।
15 Jul 2026
संसद के मॉनसून सत्र से पहले बागी सांसदों की गतिविधियाँ
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर उठे विवाद के बीच संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। इस सत्र के आगमन से पहले, टीएमसी के बागी सांसदों ने एक महत्वपूर्ण दावा किया है। काकोली घोष दस्तीदार, जो इस समूह का नेतृत्व कर रही हैं, ने बताया कि उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आश्वासन मिला है कि उन्हें नई सीटें और अलग दफ्तर मिलेंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि ये सांसद पिछले महीने 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल हुए हैं। संसद सत्र शुरू होने से पहले, 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में NCPI के दो प्रतिनिधियों को शामिल होने का आमंत्रण मिला है, जिसे नए गुट की अनौपचारिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
काकोली घोष का बयान
बरासात क्षेत्र से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, "हमने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की थी। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि हमें संसद में एक नया कार्यालय मिलेगा और वे हमारे लिए नई सीटें आवंटित करेंगे। हमारे दो प्रतिनिधि 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे।"
इससे पहले, बागी सांसदों के प्रतिनिधियों सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को ओम बिरला से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने निचले सदन में पार्टी के 20 सांसदों के बैठने की व्यवस्था और नए संसद भवन में कार्यालय आवंटन पर चर्चा की।
टीएमसी की याचिकाएँ और संभावित निर्णय
यह बैठक उस समय हुई है जब तृणमूल कांग्रेस ने बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए याचिकाएँ दायर की हैं। लोकसभा में टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी ने ओम बिरला से मुलाकात कर संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। उन्होंने 20 अलग-अलग याचिकाएँ पेश कीं, जिसमें कहा गया कि इन सांसदों ने स्वेच्छा से पार्टी छोड़ दी है।
इस बीच, रिपोर्टों के अनुसार, संसद के मानसून सत्र से पहले NCPI के विलय को औपचारिक मान्यता मिल सकती है। लोकसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि स्पीकर जल्द ही टीएमसी और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों से संबंधित मामलों पर निर्णय लेंगे।