Rajnath Singh, Navy: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भारतीय नौसेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में भारत सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक मजबूती, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों से भी सीधे जुड़ी हुई है। विशाखापत्तनम में नौसेना के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नौसैनिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
Rajnath Singh, Navy: महेंद्रगिरि से और मजबूत होगा नौसेना का बेड़ा
Indian Navy Role: रक्षा मंत्री का यह संबोधन स्वदेशी प्रोजेक्ट-17ए के तहत तैयार किए गए छठे Stealth Frigate ‘महेंद्रगिरि’ को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने से पहले हुआ। शनिवार को होने वाला यह शामिलीकरण समारोह विशाखापत्तनम स्थित नौसैनिक Dockyard में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और कई अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहेंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देगा।
समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम है नौसेना
Maritime Security Interests: राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुद्री मार्गों के जरिए होता है। ऐसे में इन समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना देश की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा आपूर्ति, विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और द्वीपीय क्षेत्रों की सुरक्षा भी समुद्री सुरक्षा पर निर्भर करती है। इसलिए भारतीय नौसेना की जिम्मेदारी लगातार बढ़ती जा रही है।
बदलते वैश्विक माहौल में बढ़ी समुद्री सतर्कता की जरूरत
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में बाहरी शक्तियों की सक्रियता भी पहले की तुलना में अधिक हो गई है। ऐसे हालात में भारत के लिए समुद्री सतर्कता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना न केवल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा कर रही है, बल्कि महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा करते हुए भारत के रणनीतिक हितों को भी सुरक्षित रखने का काम कर रही है।
आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण की दिशा में बड़ा कदम
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, Rajnath Singh की मौजूदगी में ‘महेंद्रगिरि’ का नौसेना में शामिल होना स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रोजेक्ट-17ए के तहत विकसित यह Stealth Frigate अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को और मजबूत करेगा। सरकार का कहना है कि इस तरह की स्वदेशी परियोजनाएं भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा को भी नई मजबूती प्रदान करेंगी।