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Roshan Shaikh: OBC प्रमाणपत्र रद्द होने पर BMC ने खत्म किया सदस्यता

 10 Jul 2026

Roshan Shaikh: बृहन्मुंबई महानगरपालिका BMC ने गोवंडी के वार्ड नंबर 138 से निर्वाचित AIMIM की नगरसेविका Roshan Shaikh की सदस्यता समाप्त कर दीया है। यह कार्रवाई उनके OBC जाति प्रमाणपत्र को संबंधित जाति सत्यापन समिति द्वारा अमान्य घोषित कर दिए जाने के बाद की गई। BMC की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, परभणी जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने 27 अप्रैल 2026 को Roshan Shaikh के OBC प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया था। यह प्रमाणपत्र नवंबर 2025 में जारी हुआ था, जिसके आधार पर उन्होंने OBC आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।


Roshan Shaikh: कानूनी प्रावधान के जरिये समाप्त हुई सदस्यता

Roshan Shaikh NewsBMC ने मुंबई महानगरपालिका अधिनियम, 1888 की धारा 16(1C)(a) के जरिये कार्रवाई करते हुए Roshan Shaikh की सदस्यता स्वतः समाप्त घोषित कर दी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि उनकी सदस्यता 27 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी रूप से समाप्त मानी जाएगी, क्योंकि इसी दिन जाति सत्यापन समिति ने उनके प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित कर दिया था।

हाई कोर्ट में दी गई चुनौती

Roshan Shaikh के पति Irfan Shaikh ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। उनके अनुसार, मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय है, लेकिन उससे पहले ही BMC ने सदस्यता समाप्त करने का फैसला ले लिया। उनका कहना है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता समझ से परे है।

AIMIM की अदालत से उम्मीद

Mumbai BMC NewsAIMIM की तरफ से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी गई है। पार्टी के एक सदस्य ने बताया कि अयोग्यता से जुड़े मामलों में स्मॉल कॉज़ कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील लंबित है। पार्टी को उम्मीद है कि अदालत का फैसला उनके पक्ष में आएगा और संबंधित पार्षद अपनी सदस्यता को बरकरार रख सकेंगी। फिलहाल पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी में पर्याप्त संख्या होने के कारण तत्काल कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन यदि अदालत का फैसला प्रतिकूल आता है तो वार्ड कमेटियों में पार्टी की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

आगे क्या हो सकता है

BMC के एक अनुभवी पार्षद के अनुसार, यदि किसी निर्वाचित पार्षद को अयोग्य घोषित कर दिया जाता है, तो दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार के पास अदालत जाने का विकल्प होता है। यदि अदालत उसकी दलीलों से सहमत होती है, तो उसे निर्वाचित घोषित किया जा सकता है। वहीं, Roshan Shaikh की सदस्यता समाप्त होने के बाद BMC में AIMIM के पार्षदों की संख्या घटकर छह हो जाने की संभावना जताई जा रही है। अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर बॉम्बे हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।

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