Article

Amit Shah Announcement: बंगाल में UCC, CAA और घुसपैठ पर बड़ा ऐलान

 07 Jul 2026

Amit Shah Announcement: केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने Shyama Prasad Mukherjee की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की BJP सरकार की नीतियों और चुनावी वादों को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि राज्य में BJP सरकार अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है। 


शाह ने विशेष रूप से समान नागरिक संहिता (UCC), घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और नागरिकता से जुड़े मुद्दों को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के नेतृत्व में 'सोनार बांग्ला' का सपना साकार होगा और राज्य विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा।

Amit Shah Announcement: UCC लागू करने के लिए समिति का गठन 

Bengal BJP Governmentअपने संबोधन में Amit Shah ने कहा कि पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक समिति का गठन कर दिया गया है, जो आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के अनुसार सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। शाह ने अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने गुंडों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया था और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

125 फुट ऊंची प्रतिमा की रखी आधारशिला

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक Dr. Shyama Prasad Mukherjee की 125 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला भी रखी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि देश के लिए मुखर्जी के योगदान और उनकी वैचारिक विरासत का स्थायी प्रतीक बनेगी।

शाह ने कहा कि लंबे समय तक Shyama Prasad Mukherjee के योगदान को पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। उनके अनुसार, दशकों तक उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि अब उनके गृह राज्य में इतनी ऊंची प्रतिमा स्थापित होना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

संकल्प पत्र के वादों को पूरा करने का दावा

West Bengal Politicsअमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान BJP ने जनता से जो वादे किए थे, सरकार उन्हें लगातार पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि UCC पर समिति का गठन, घुसपैठ के खिलाफ अभियान और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर है और विधानसभा से पारित पश्चिम बंगाल असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश (संशोधन) विधेयक-2026 इसका उदाहरण है। उनके मुताबिक यह कानून अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

घुसपैठ और नागरिकता पर दोहराया सरकार का रुख

अपने भाषण में Amit Shah ने अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार प्रत्येक घुसपैठिये की पहचान कर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

इसके साथ ही उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि जिन शरणार्थियों को CAA के तहत नागरिकता मिलने की पात्रता है, उन्हें नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उन्होंने मंच से भरोसा दिलाया कि शेष औपचारिकताएं भी जल्द पूरी की जाएंगी ताकि पात्र लोगों को नागरिकता मिल सके।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार का दावा 

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए Amit Shah ने कहा कि हाल ही में गठित दुर्गा सुरक्षा दस्ता पूरे राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर रोक लगाने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की वैचारिक विरासत का किया उल्लेख

अपने संबोधन का बड़ा हिस्सा Amit Shah ने Dr. Shyama Prasad Mukherjee के राजनीतिक जीवन और विचारों पर केंद्रित रखा। उन्होंने कहा कि जनसंघ की स्थापना करने वाले मुखर्जी ने भारत की राजनीति को नई दिशा दी और आज वही विचारधारा देश के बड़े हिस्से में शासन व्यवस्था का आधार बनी हुई है। शाह ने कहा कि जिस राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत जनसंघ के रूप में हुई थी, वह आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में देश के दो-तिहाई से अधिक भौगोलिक क्षेत्र और आबादी तक पहुंच चुका है।

नेहरू-लियाकत समझौते और इस्तीफे का किया जिक्र 

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने अपने भाषण में नेहरू-लियाकत समझौते का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते का अध्ययन करने के बाद Dr. Shyama Prasad Mukherjee ने महसूस किया था कि इसमें भारत में रहने वाले मुसलमानों की चिंताओं का तो उल्लेख किया गया, लेकिन पाकिस्तान और तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं की समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। शाह ने कहा कि इसी कारण मुखर्जी ने तत्कालीन केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने का फैसला किया था। उन्होंने इसे मुखर्जी के सिद्धांतों और राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।

सीएए और अनुच्छेद 370 का भी किया उल्लेख

Amit Shah ने कहा कि Shyama Prasad Mukherjee जिन मुद्दों को लेकर संघर्ष करते रहे, उन्हें आगे बढ़ाने का काम वर्तमान सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि सीएए के माध्यम से उत्पीड़ित हिंदुओं को नागरिकता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने का भी जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने डॉ. मुखर्जी के उस संकल्प को पूरा किया, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर का पूर्ण रूप से भारत के साथ एकीकरण सुनिश्चित हुआ।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर

अपने संबोधन के अंत में Amit Shah ने कहा कि Shyama Prasad Mukherjee का मानना था कि भारत का विकास उसकी अपनी संस्कृति, परंपराओं और सभ्यतागत मूल्यों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार उसी सोच को आगे बढ़ा रही है। शाह के अनुसार, देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने, भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने और राष्ट्र की बुनियाद को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।