Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा और आभूषणों की चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर हमलावर है। इसी कड़ी में शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसे तत्काल भंग करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई साधारण चोरी नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत किया गया संगठित अपराध है, जिसकी निष्पक्ष और सख्त जांच होनी चाहिए।
Ayodhya Ram Mandir: यह सामान्य चोरी नहीं, संगठित अपराध है
Ram Mandir Donations: Sanjay Raut ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राम मंदिर में हुई कथित चोरी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके मुताबिक, इस घटना में पांच से अधिक लोगों की भूमिका होने की आशंका है और पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई है।
उन्होंने इसे 'Organized Crime' बताते हुए कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) जैसे सख्त कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी संगठित गिरोह ने श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मंदिर में इस तरह की घटना को अंजाम दिया है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग
Ram Mandir Scam: Sanjay Raut ने कहा कि इस पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए। उनका कहना था कि यह मामला केवल ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित घोटाले में कई लोग शामिल हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ईडी की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
Raut ने इस मुद्दे पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे आर्थिक मामलों में ईडी लोगों को गिरफ्तार कर लंबे समय तक जेल में रखती है, लेकिन जब करोड़ों रुपये के कथित चढ़ावे और मंदिर की संपत्ति से जुड़े गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं तो एजेंसियां चुप दिखाई दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि छोटे मामलों में कठोर कार्रवाई की जा सकती है तो इतने बड़े और संवेदनशील मामले में भी समान गंभीरता दिखाई जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी पर निशाना
Sanjay Raut ने इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और BJP नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष इस मामले में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास कर रहा है और सबूतों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
राउत ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इतने गंभीर आरोपों पर सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया आनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई तो लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
आभूषण और चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप
शिवसेना (UBT) सांसद ने दावा किया कि Ayodhya Ram Mandir में श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम और माता सीता को अर्पित किए गए कई कीमती आभूषण अब मौजूद नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि माता सीता को चढ़ाया गया सोने का मंगलसूत्र गायब हो गया है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और माता सीता के कंगन, झुमके, अन्य सोने के आभूषण और स्वर्ण रामचरितमानस भी कथित तौर पर गायब हैं। राउत का कहना है कि इन सभी आरोपों की गहन जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर मंदिर की संपत्ति का क्या हुआ।
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
Sanjay Raut ने इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित चोरी में शामिल लोग BJP से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर इस मामले में संदेह है, उनका संबंध BJP से है और इसलिए सरकार इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
हालांकि, इस संबंध में BJP या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से राउत के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत
इधर, शिवसेना (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray ने इस मुद्दे को लेकर 'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत की है। मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आंदोलन का शुभारंभ किया।
Sanjay Raut
ने बताया कि यह अभियान केवल मुंबई या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में इसे देश के अन्य राज्यों तक भी ले जाया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि मंदिरों की संपत्ति और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए चलाया जाने वाला व्यापक जनआंदोलन होगा।
हिंदुत्व समर्थकों से आंदोलन में जुड़ने की अपील
Ayodhya Ram Mandir में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर इस आंदोलन की घोषणा Uddhav Thackeray ने पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कर दी थी। उन्होंने बताया था कि आंदोलन की शुरुआत मुंबई के दादर क्षेत्र से होगी, जहां कार्यकर्ता सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
Uddhav Thackeray ने उन लोगों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की जो Balasaheb Thackeray के हिंदुत्व के विचारों में विश्वास रखते हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि मंदिरों की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।